ग्राम रोजगार सेवकों की दिवाली फीकी, फरवरी से लंबित वेतन जारी करने की उठाई मांग
Awaz Janadesh SuperAdmin (Super Administrator)
Published Oct 23, 2026 at 04:50 PM • 97 views
ग्राम रोजगार सेवकों की दिवाली फीकी, फरवरी से लंबित वेतन जारी करने की उठाई मांग
शिमला: ग्राम रोजगार सेवक संघ हिमाचल प्रदेश ने मुख्यमंत्री द्वारा सभी विभागों को 5 नवंबर 2026 तक सभी नियमित व अनुबंध कर्मियों को समय पर वेतन जारी करने के दिए गए निर्देशों का स्वागत किया है। हालांकि, संघ ने प्रदेश सरकार के समक्ष अपनी एक बड़ी पीड़ा साझा करते हुए इस दिवाली से पहले उनका रुका हुआ वेतन जारी करने की गुहार लगाई है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष श्री मुनीश कुमार ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री के इस फैसले से समय पर वेतन मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन विडंबना यह है कि हर बार त्योहारों के समय ग्राम रोजगार सेवकों को बिना वेतन के ही रहना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 से जून 2026 तक का वेतन अभी तक नहीं मिल पाया है, जबकि कई ब्लॉकों में तो पिछले 5 से 6 महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह
संघ ने माननीय मुख्यमंत्री से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस लंबित वेतन के मामले पर संज्ञान लें और दिवाली के पावन अवसर से पहले रुका हुआ वेतन जारी करें, ताकि ग्राम रोजगार सेवकों और उनके परिवारों की दिवाली भी रोशनी के इस त्योहार की तरह जगमगा सके।
भविष्य सुरक्षित करने के लिए नीति बनाने की मांग
प्रदेशाध्यक्ष मुनीश कुमार ने कहा कि एक तरफ जहां अन्य सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और समय पर वेतन मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ ग्राम रोजगार सेवक अपने हक के लंबित वेतन के लिए तरस रहे हैं। संघ ने सरकार से मांग की है कि ग्राम रोजगार सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शीघ्र अतिशीघ्र एक ठोस नीति बनाई जाए।
संघ को पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हर वर्ग के कल्याण की तरह ग्राम रोजगार सेवकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएंगे।
यदि आप इसमें कोई अन्य बदलाव या शीर्षक (Headline) में फेरबदल चाहते हैं, तो कृपया बताएं!
Read & Verify on Smartphone
Scan this official QR Code to view the cryptographic verification stamp or share directly via mobile messaging apps.
Reader Comments & Public Debate
0No reader comments yet.
Be the first to share your thoughts on this story below!
✍️ Join the Discussion