शाह के करीबियों में एक उभरता नाम अनुराग ठाकुर

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एक दौर था जब राजनीतिक जानकर कहते थे कि अमित शाह की नजरों में अनुराग ठाकुर ज्यादा खटकते है। तब हिमाचल की भाजपा में एक धड़ा काफी चटखारे लेता था । लेकिन वक्त बदलते देर नहीं लगती है। लोकसभा के चुनावों के दौरान अनुराग ठाकुर की लुहनू के मैदान से अमित शाह ने तारीफ की थी और कहा था कि आप जितवा कर भेजो बड़ा नेता बनाने का मेरा वायदा है। उसके बाद हिमाचल के कई नेताओं की नींद हराम हो गई थी। लेकिन राग तो ये था कि अनुराग हार रहा था। अनुराग ठाकुर चौथी बार जीत कर दिल्ली पहुंच गए। जब उन्होंने मंत्री बनने का नाम चलने लगा तो एक धड़े ने किशन कपूर का नाम आगे खिसका दिया कि एस टी कोटे और सबसे अधिक मतों से जीतने के कारण उन्हें मंत्री बना दिया जाए।लेकिन अमित शाह ने कह दिया कि मैं हिमाचल में अनुराग के लिए वायदा करके आया हूं और उसे पूरा करूंगा। अत फिर अनुराग ठाकुर राज्य मंत्री बने थे। अनुराग सबसे अहम मंत्रालय में राज्य मंत्री बना दिया गया।धीरे धीरे अमित शाह के करीब अनुराग ठाकुर होने लग गए। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अरुण जेटली के जाने के बाद क्रिकेट की दुनिया में भाजपा के वर्चस्व को बरकरार रखना था। लेकिन अनुराग ठाकुर मैनेजमेंट के धनी तो है ही साथ ही साथ फैन फॉलोइंग के मामले में उनका जवाब नहीं है । परंतु अनुराग ने बीसीसीआई में अमित शाह के बेटे की एंट्री करवाने की पटकथा लिख डाली । सूत्र बताते है कि अमित शाह इस पक्ष में नहीं थे उन्हें डर था कि जय शाह की राह में मुश्किलें होंगी । लेकिन अनुराग ने आश्वस्त किया कि अमित शाह जी आप हामी भरे जय शाह की हर राह आसान होगी। इसके बाद अमित शाह ने अनुराग को पूरा फ्री हैंड दिया गया। अनुराग की लड़ाई श्री निवासन्नन से थी,जोकि लंबे समय से क्रिकेट की दुनिया में डंका बजा रहा था। मगर अनुराग ने साबित कर दिया कि वो अब एक आम सांसद की राजनीति करने में माहिर से कई कोसों मील दूर बड़ी से बड़ी राजनीति में अपनी रणनीति से मात देने में एक्सपर्ट हो गए है । अनुराग ठाकुर अरुण जेटली को अपना गुरु मानते थे। और आज साबित भी कर दिया कि शिष्य गुरु के कदमों पर चल कर गुरु का स्थान लेने वाला है । अनुराग ने पहली बड़ी परीक्षा पास करके कईयों को कीचड़ में खड़ा कर दिया है । लेकिन दूसरी बड़ी चुनौती अनुराग ठाकुर के सामने अमित शाह ने हरियाणा चुनावों के बाद उभरे राजनीतिक समीकरण को हल करवाने की रखी। हरियाणा में जेजेपी ने सीट 11 जीत कर बीजेपी को बहुमत से दूर कर दिया ।जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला अनुराग के पड़ोसी दिल्ली में है।।लेकिन बड़े कम लोगों की पड़ोसियों। से बनती है । उसी की बनती है जो दूरदृष्टी रखता हो।।जब हरियाणा का पेंच फसां तो अमित शाह ने एक बार फिर अनुराग पर भरोसा जताया और दुष्यंत को मनाने का काम सौंप दिया। अनुराग ने मिशन पूरा करने का आश्वासन अमित शाह को दिया और 24 घंटे के भीतर ही दुष्यंत को बीजेपी के साथ गठबन्धन करने को तैयार कर लिया। अनुराग जब दुष्यंत के घर पर बात कर रहे थे तो हर बात सीधी अमित शाह से ही कर रह थे । अमित शाह के इशारे पर अनुराग ने हरियाणा में बीजेपी के हाथ से फिसली हुई बाजी भगवामय कर दी। साथ ही साथ ये भी जाहिर कर दिया कि समय के साथ बड़ा बारूद अनुराग ने रख रखा है। जो कब इस्तेमाल कैसे करना है सब सीख चुके है।वहीं अब अमित शाह भी भाजपा की बड़ी बड़ी चुनौतियों का समाधान करवाने में अनुराग को ट्रेंड कर रहे है। वहीं अनुराग भी शाह की उम्मीदों पर खरा उतरते जा रहे है। सोशल मीडिया और मीडिया पर अनुराग ठाकुर ने जो दोस्ती दुष्यंत चौटाला और मनोहर लाल ख ट्टर के बीच करवाई है। उसकी तूती बोल रही है। लेकिन हिमाचल में एक धड़ा अनुराग के पक्ष में ना तो एक पोस्ट डाल पा रहा है और न ही खुल कर तारीफ कर पा रहा है। किसी ने ठीक ही कहा है कि क्षमतावान से अक्सर उन लोगों को नफरत होती है, जो चापलूसी से पैर जमाना जानते हो।।

उपचुनावों से दूरी
हिमाचल के दो उपचुनावों में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक भी जन सभा नहीं की ।।असल में इसकी वजह सभी को पता है। जब वो राज्य मंत्री बने तो प्रदेश नेतृत्व में उनके स्वागत के लिए कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं रखा ।।एक धड़ा सरेआम उनके खिलाफ खुल कर सामने आ चुका है लेकिन केंद्रीय नजरों में अनुराग तारे की तरह चमक रहे है।। अभी इन्वेस्टर मीट में उन्हें आमन्त्रित करने के लिए एक अधिकारी को उनके पास भेजा गया। क्या हिमाचल में कोई मंत्री नहीं था जो अनुराग ठाकुर को इन्वेस्टर मीट के लिए आमन्त्रित कर सके।।क्या एक अधिकारी का कद मंत्री के बराबर का है। शायद भूल गए कि अनुराग ठाकुर के पास वित व कॉरपोरेट अफेयर है। और सारे इन्वेस्टर मीट के उद्योगपति इसी मंत्रालय से होकर गुजरते है। ऐसे इस तरह की राजनीति करके अनुराग को दबा रहे है या फिर किसी तूफान के डर के कारण कर रहे है। मगर अब ये अनुराग है रुकने वालों में से है नहीं।।

पोस्ट आभार: सुरेश कुमार डमाल
आईं टी सैह-प्रभारी
भारतीय जनता पार्टी मण्डल चौपाल

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