निलंबित निदेशक देशराज से एसआईटी ने छह घंटे तक की पूछताछ, मीणा को भी बुलाया

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आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में पुलिस ने निलंबित निदेशक देशराज से छह घंटे तक पूछताछ की। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने देशराज से पहली बार पूछताछ की है। परिजनों ने देशराज व एचपीपीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा पर विमल नेगी को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इसी बीच, हरिकेश मीणा को भी सोमवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। रविवार को दोपहर बाद 2 बजे से शाम 8 बजे तक देशराज से पुलिस ने कई सवाल पूछे। 10 मार्च को लापता होने के दिन सुबह विमल नेगी को देशराज का फोन आया था, जिसके बाद नेगी शिमला से बिलासपुर की ओर चले गए थे।

इसे लेकर भी पुलिस ने देशराज से पूछा कि आखिर उस दिन फोन पर नेगी से उनकी क्या बात हुई थी। पुलिस ने कॉरपोरेशन के कर्मचारियों-अधिकारियों और कब्जे में लिए रिकॉर्ड को आधार बनाकर भी देशराज से सवाल किए। परिजनों ने कॉरपोरेशन के अधिकारियों पर विमल नेगी से दुर्व्यवहार करने और गलत काम करने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। विमल की पत्नी किरण नेगी की शिकायत पर पुलिस ने देशराज, मीणा समेत अन्य अधिकारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। शिमला के एसएसपी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। एसएसपी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

मेरे पति की हत्या हुई, डूबने से नहीं हुई मौत : किरण

विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने कहा कि मेरे पति की मौत डूबने से नहीं हुई है, उनकी हत्या की गई है। हमने सब पर विश्वास करके देख लिया, कहीं से इंसाफ नहीं मिला। अब हाईकोर्ट से उम्मीद है। उच्च न्यायालय ही मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश जारी कर सकता है। मुख्यमंत्री सुक्खू से भी मांग की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। फोन पर हुई बात में किरण ने कहा कि मेरे पति की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का पता नहीं है। अब मुझे यह भी लग रहा है कि रिपोर्ट में कहीं गड़बड़ न हो। आरोपी सरेआम घूम रहे हैं। मुझे पता है कि कार्यालय में मेरे पति को मानसिक तौर पर परेशान किया गया। कुछ समय से वह परेशान रहने लगे। सरकार ने 15 दिन के भीतर जांच करने की बात कही थी। समय बीत गया है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। अब मैं हाईकोर्ट जा रही हूं। वहां इंसाफ की मांग करूंगी।

इंजीनियर विमल की मौत मामले में सरकार हर जांच को तैयार : सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले में राज्य सरकार किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र में भाजपा की सरकार है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर ईडी के छापे डलवाए जा सकते हैं तो सीबीआई जांच भी करवाई जा सकती है। सरकार इस मामले में रोकने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने रविवार को शिमला में कहा कि विमल नेगी की मौत मामले में सरकार गंभीर है। परिवार ने जो कहा, सरकार ने उसे माना है। भाजपा की तरह राजनीतिक रोटियां नहीं सेंकी जा रही हैं। मामले में दो जांच रिपोर्ट सामने आएंगी। जब तक रिपोर्ट सामने न आए, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। किन परिस्थितियों में मृत्यु हुई और क्या कारण रहे, इसकी जांच करवाई जा रही है। भाजपा जिस तरह से सोच रही है कि उनकी मौत के पीछे षड्यंत्र है, यह उसकी गलत सोच है। कहा कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नादौन में छापेमारी कर सकता है, तो सीबीआई की जांच भी करवाई जा सकती है। सभी विमल नेगी की मृत्यु के पीछे की सच्चाई जानना चाहते हैं। उनकी पत्नी ने भी मुझसे भेंट की है और हम शोक संतप्त परिवार के साथ पूरी सहानुभूति और एकजुटता के साथ खड़े हैं।

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