पूह ग्राम सभा में पानी का मुद्दा छाया, पेयजल व सिंचाई व्यवस्था पर ग्रामीणों ने जताई चिंता
9जुलाई, 2026 पूह (किन्नौर)।
ग्राम पंचायत पूह की प्रथम ग्राम सभा की बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा पेयजल एवं सिंचाई जल का रहा। बैठक के दौरान पानी की किल्लत को लेकर ग्रामीणों ने खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की। ग्राम सभा में बार-बार “पानी” की गूंज सुनाई दी और इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
ग्रामीणों का कहना था कि पूह गाँव वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। सिंचाई जल योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने तथा पर्याप्त जल उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण समय-समय पर श्रमदान जैसी सामुदायिक पहलों के माध्यम से व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करते रहे हैं, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्राम सभा में उपस्थित अधिकांश लोगों ने कहा कि गाँव में पेयजल वितरण की उचित एवं पारदर्शी व्यवस्था नहीं है। पानी की आपूर्ति का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं होने के कारण लोगों को प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जल वितरण का स्पष्ट समय निर्धारित करने तथा सभी मोहल्लों में समान रूप से पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्राम सभा में पंचायत ने गाँव में कार्य करने आने वाले मजदूरों की दैनिक मजदूरी भी निर्धारित की। निर्णय के अनुसार भोजन सहित दैनिक मजदूरी ₹500 तथा बिना भोजन (सूखा) दैनिक मजदूरी ₹550 तय की गई। पंचायत ने सभी ठेकेदारों एवं कार्यदाताओं से इस निर्णय का पालन करने का आग्रह किया।
बैठक में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पंचायत ने तय किया कि प्रत्येक घर से गीले और सूखे कचरे का पृथक-पृथक संग्रहण किया जाएगा। ग्रामीणों से घर पर ही कचरे का पृथक्करण करने का आग्रह किया गया। साथ ही सार्वजनिक स्थानों, सड़कों अथवा अन्य स्थानों पर कचरा फेंकते पाए जाने वाले व्यक्तियों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया, ताकि गाँव को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके।
बैठक को संबोधित करते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पूह इन्द्र चंद नेगी ने ग्रामीणों से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। यदि किसी विकास कार्य अथवा जनसमस्या का समाधान पंचायत स्तर पर नहीं हो पा रहा हो, तो उसे सीधे उनके संज्ञान में लाया जाए, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
ग्राम सभा के अंत में पंचायत प्रधान ताजिन दोर्जे चीला एवं उपप्रधान कलजंग लोक्ट्स ने सभी ग्रामीणों से आपसी सहयोग, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा, “यदि पूह को एक सुंदर, स्वच्छ और प्रगतिशील गाँव बनाना है, तो सभी को मिलकर कार्य करना होगा। पंचायत अकेले विकास नहीं कर सकती; जनसहयोग से ही विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।”
ग्राम सभा में पारित इन निर्णयों का उद्देश्य गाँव में जल प्रबंधन, स्वच्छता, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा तथा समग्र ग्रामीण विकास को गति देना बताया गया। ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की कि पेयजल एवं सिंचाई जल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभाग शीघ्र प्रभावी और ठोस कदम उठाएगा।


