*भगवती खुंडी मराली जी के अंदरौल खुले, 48 दिनों तक श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन*
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां भगवती खुंडी मराली जी के पवित्र अंदरौल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मां भगवती की आज्ञा से 2 जुलाई 2026 को विधि-विधान के साथ अंदरौल खोले गए, जिसके साथ ही वार्षिक यात्रा का शुभारंभ हो गया।
इस वर्ष श्रद्धालु 48 दिनों तक मां भगवती के दर्शन कर सकेंगे। यात्रा का समापन 18 अगस्त 2026 (भाद्रपद माह के ज्येष्ठ मंगलवार) को मां भगवती खुंडी मराली जी की पर्वी (खुंडी मराली डल झील यात्रा) के बाद होगा। इसके उपरांत धार्मिक परंपरा के अनुसार अंदरौल पुनः बंद कर दिए जाएंगे।
अंदरौल खुलने के बाद श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपने साथ भोजन, रात्रि विश्राम तथा अन्य आवश्यक सामान ले जाने की अपील की गई है। साथ ही यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाने का आग्रह किया गया है।
मां भगवती की पवित्र छड़ी लेकर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से पर्वी से पहले यात्रा न करने तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं से विशेष अपील की गई है कि वे मां भगवती खुंडी मराली जी की पवित्र डल झील में स्नान या डुबकी न लगाएं। झील के पवित्र जल को केवल चरणामृत के रूप में ग्रहण करें और श्रद्धापूर्वक घर ले जाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस जल के सेवन से दुख और कष्ट दूर होते हैं।
प्रबंधन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करते हुए यात्रा को सफल एवं पवित्र बनाने में सहयोग करने की अपील की है।


