पौधरोपण घोटाले में छह वन अधिकारी, कर्मचारी और पांच ठेकेदार जांच में दोषी

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आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

बिलासपुर के सदर वन खंड में वर्ष 2015-16 में वन विभाग की ओर से किए गए पौधरोपण में बड़ा घोटाला निकला है। विजिलेंस की जांच में खुलासा हुआ है कि कागजों में 5,500 पौधों का रोपण दिखाया गया। जबकि, जमीन पर इतने पौधे लगे ही नहीं। जांच के दौरान करीब 475 पौधे कम पाए गए। आरोपों की पुष्टि होने पर विजिलेंस ने 2017 में केस दर्ज किया था और इसकी जांच चल रही थी। जांच पूरी होने पर वन विभाग के छह अधिकारी-कर्मचारी और पांच ठेकेदार दोषी पाए गए। रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद विभागीय मंजूरी न मिलने से चालान अब तक कोर्ट में दाखिल नहीं हो पाया है।

शुरुआती शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सदर खंड में पौधरोपण का आंकड़ा सिर्फ कागजों में ही है। जब विजिलेंस टीम ने मौके पर जाकर छानबीन की तो पाया कि 5,500 पौधों में से करीब 475 पौधे नहीं लगे थे। जांच के बाद विजिलेंस ने जो रिपोर्ट तैयार की, उसमें सदर खंड के वन खंड अधिकारी सहित छह अधिकारी-कर्मचारी और पांच ठेकेदारों को दोषी ठहराया गया। विजिलेंस ने सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए और 2022 में अभियोजन मंजूरी के लिए फाइल विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दी। हैरानी की बात है कि अभियोजन मंजूरी के लिए फाइल जाने के तीन साल बाद भी विभाग ने अपनी स्वीकृति नहीं दी है।

मंजूरी न मिलने के कारण विजिलेंस चालान कोर्ट में पेश नहीं कर पा रही है। इससे पूरे मामले की सुनवाई शुरू ही नहीं हो पाई। मामले की कार्रवाई में हो रही देरी से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब दोषी सामने आ चुके हैं, तो विभाग अभियोजन की मंजूरी देने में इतना वक्त क्यों लग रहा है। आरोप है कि वन विभाग जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है ताकि आरोपी बच सकें। वहीं इससे जांच एजेंसी की मेहनत पर भी पानी फिर रहा है। जांच एजेंसी ने समय पर अपनी जांच पूरी तो की, लेकिन वन विभाग ने अभियोजन की मंजूरी लटका दी है। जिससे मामला कोर्ट में नहीं पहुंच रहा है।

एसपी विजिलेंस बोले, मंजूरी मिलते ही कोर्ट पहुंचेगा मामला

एसपी विजिलेंस कुलभूषण वर्मा ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और चालान तैयार है, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अभियोजन के लिए विभागीय मंजूरी के बिना उसे अदालत में पेश नहीं किया जा सकता। मंजूरी मिलते ही मामला कोर्ट ले जाया जाएगा।

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