मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चिट्टे के आरोपों या कारोबार में पकड़े गए 91 सरकारी कर्मचारियों की लिस्ट संबंधित प्रशासनिक सचिवों को सौंप दी है।
सचिवालय में प्रशासनिक सचिवों के साथ हुई बैठक में इस बारे में कार्रवाई करने को कहा गया। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर 31 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि चिट्टे से जुड़े मामलों में कुल 122 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं।
उन्होंने सभी प्रशासनिक सचिवों को इन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अब सभी प्रशासनिक सचिव अपने विभगों के तहत इन 91 कर्मचारियों की नौकरी पर फैसला लेंगे। अन्य 31 कर्मचारियों के साथ इन्हें भी बर्खास्त किया जा सकता है। यदि विभागवार बात करें तो बिजली बोर्ड में सबसे ज्यादा 12, शिक्षा विभाग में 10, बैंकिंग में आठ, जल शक्ति में आठ और आर्मी या नेवी में रह चुके आठ लोगों पर यह कार्रवाई होगी।
एचआरटीसी में दो कर्मचारी बर्खास्त किए जा चुके हैं, जबकि छह पर अभी कार्रवाई होना बाकी है। वन विभाग में छह, लोक निर्माण में भी छह और अन्य विभागों में पांच कर्मचारी ऐसे पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग में चार, बीडीओ ऑफिस में एक, राजस्व में तीन, फूड एंड सप्लाई में एक, पोस्ट ऑफिस में दो कर्मचारी इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा होमगार्ड, पंजाब पुलिस, वेलफेयर ऑफिस, कोऑपरेटिव सोसायटी, राज्य सचिवालय, बागबानी, एचपीयू, पंचायती राज विभाग, कोषागार और फोरेंसिक साइंस लैब में भी एक-एक कर्मचारी चिट्टे में संलिप्त पाया गया है। मुख्यमंत्री ने सेामवार को नारकोटिक्स कंट्रोल कोऑर्डिनेशन की बैठक के बाद यह कहा था कि ऐसे सभी कर्मचारियों को टर्मिनेट करने का फैसला सरकार ने लिया है। इसके बाद मंगलवार को हुई प्रशासनिक सचिवों की बैठक में सभी अफसरों को ये सूचियां दे दी गई हैं। अब ये प्रशासनिक सचिव विभाग में नियोक्ता अधिकारी के आधार पर कार्रवाई करेंगे।


