शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को मंत्रियों, कैबिनेट रैंक के नेताओं और मुख्यमंत्री के बिजली बिलों में हुई भारी गड़बड़ी को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह बाली ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
शून्यकाल के दौरान रघुबीर सिंह बाली ने अपने सरकारी आवास का 6.78 लाख रुपये का चौंकाने वाला बिजली बिल सदन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि यह बिल पूरी तरह से गलत है, क्योंकि उनके आवास का वास्तविक बिल केवल 1.68 लाख रुपये है। बाली ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारियों ने उनके सवालों के जवाब में जानबूझकर गलत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस मामले में विभाग की गलती को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उनके सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ का बिल भी 3.76 लाख रुपये दिखाया गया था, जबकि सही बिल 1.43 लाख रुपये ही था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लापरवाही लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की ओर से हुई है।
सरकार उठाएगी सख्त कदम
मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाली का बिल इसलिए ज्यादा दिखाया गया, क्योंकि उसमें पुराना बकाया भी जोड़ दिया गया था और वह शिमला में ज्यादा समय नहीं बिताते। इस तरह की गलतियों को रोकने के लिए सरकार भविष्य में स्मार्ट और प्रीपेड मीटर लगाने की योजना बना रही है, ताकि बिलिंग में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सके।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा का रिकॉर्ड भी जल्द ही अपडेट किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, जिस पर सरकार और प्रशासन दोनों को ध्यान देने की ज़रूरत है।
विधानसभा में गूंजा बिजली बिलों का मुद्दा: मंत्रियों और सीएम के बिल में भारी गड़बड़ी
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