*आपदा पर चर्चा… विधायकों ने सुनाई बेहाल सडक़ों की दास्तां*

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्राकृतिक आपदा को लेकर लाई गई चर्चा में जहां विधायकों ने अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान का ब्यौरा दिया, वहीं सरकार की राहत पर भी तंज कसे। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपने-अपने हलकों की सडक़ों की दुर्दशा को भी बयां किया और प्रदेश सरकार से इस ओर तत्काल उचित कदम उठाने की मांग रखी…
ऊना में पानी भरने से नुकसान

कांग्रेस के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण लोग परेशान हैं। ऊना शहर में पानी भर जाने से लोगों का बडा नुकसान हुआ है। उनके विधानसभा क्षेत्र में भी बरसात ने नुकसान किया है। झलेड़ा समेत कई इलाकों में नुकसान हुआ है। जिस तरह की आपदा आई है, उसमें केंद्र सरकार को मदद करनी चाहिए, लेकिन दो टीमें आने के बाद अभी तक केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है।
चौपाल के साथ हो रहा अन्याय
भाजपा के विधायक बलबीर वर्मा ने सरकार पर चौपाल विधानसभा क्षेत्र से भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अभी तक करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है परंतु पिछले तीन साल में केवल 10 करोड़ की राशि चौपाल को मिली। शिमला जिला में सबसे कम राहत राशि उनके इलाके को मिली है। सैंज-फेडिजपुल सडक़ पर आठ घंटों तक जाम लग रहा है, जिससे बागबान परेशान हैं।।
अब शीत मरूस्थल में भी बारिश

कांग्रेस की विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि इस साल 80 घटनाएं बादल फटने और भारी बारिश की हो चुकी है। लाहुल स्पीति में करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है। शीत मरूस्थल में बारिश नहीं होती थी, पर वहां भी जोरदार बारिश हो रही है। मियाड घाटी में अभी भी सडक़ों की बहाली नहीं हो पाई है। रास्तों का खोलने का काम दिनरात जारी है। लोगों को बसाने के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं हो पर रही है।
सरकाघाट के कई गांव बर्बाद
भाजपा के सरकाघाट से विधायक दलीप सिंह ने कहा कि उनके क्षेत्र में कई लोग उजड़ गए हैं। कई लोगों के मकान इस त्रासदी में नष्ट हो गए। गांव के गांव बर्बाद हुए हैं। उन्होंने क्षेत्र की सडक़ों की खस्ता हालत को भी सदन में बयां किया। साथ ही पेयजल योजनाओं की हालत बताई। उन्होंने कहा कि जो पेयहल योजनाएं खड्डों में बनी थी, वे सभी खत्म हो गई हैं, जिनको दुरुस्त करवाना जरूरी है।
रामशहर-शिमला रोड क्षतिग्रस्त
नालागढ़ से कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि वर्ष 2023 की तरह ही इस बार भी इस विधानसभा क्षेत्र में बड़ा नुकसान हुआ है। नालागढ़ से रामशहर होते हुए शिमला आने वाली सडक़ एक जगह पर पूरी तरह से ढह गई है। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत से इस सडक़ को बहाल किया। एक वैकल्पिक मार्ग है, जिसपर 15 करोड रूपए का खर्चा किया जाए, तो फिर दिक्कत नहीं होगी।
सडक़ों पर ध्यान दे प्रदेश सरकार
भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि पिछले तीन साल से लगातार बारिश की वजह से नुकसान हो रहा है। पांवटा साहिब में भी काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। क्षेत्र की मुख्य सडकों की भी हालत खराब है जिनकी हालत सुधारने की बार-बार मांग की जा रही है, मगर राज्य सरकार पैसा नहीं दे रही। पूरे एरिया से सरकार को 100 करोड़ का राजस्व मिलता है,मगर फिर भी सडकों की दुर्दशा है।
पीडि़तों को सात लाख रुपए दिए
बैजनाथ से कांग्रेस विधायक किशोरी लाल ने कहा कि आपदा आज से नहीं, बल्कि सालों से हो रही है। बार-बार राहत मैनुअल बदलता था लेकिन इतना पैसा किसी ने नहीं दिया, जितना वर्तमान सरकार ने रखा है। वर्तमान सरकार ने 7-7 लाख रुपए की राशि राहत मैनुअल में प्रदान की है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार भरपाई नहीं कर रही, जबकि राज्य सरकार अपने संसाधनों से जनता की मदद कर रही है।
पौंग डैम से खतरा बरकरार
इंदौरा से कांग्रेस विधायक मलेन्द्र राजन ने चर्चा में हिस्सा लेते कहा कि पौंग डैम से उनके इलाके में लगातार नुकसान जारी है। यहां पर खतरा बना हुआ है। यहां के लोग आपदा को झेल रहे हैं। पौंग डैम से भारी मात्रा में पानी छोडा जा रहा है। आज भी 65 हजार क्यूसिक पानी वहां से छोड़ा गया है। तीन दिन पहले ही तीन मंजिला इमारत ढह गई और चार पक्के व छह कच्चे मकानों के साथ कई गोशालाओं का नुकसान हुआ था।
फोरलेन पर हो रहा भूस्खलन
बिलासपुर सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए आपदा में मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 2023 में 498 लोगों को खोया, 2024 में 161 लोगों को खोया, जबकि 2025 में 200 से ज्यादा लोग मौत का ग्रास बन चुके हैं। फोरलेन पर बार-बार हो रहा भू-स्खलन भी चिंता का विषय है। बारिश से मंडी-भराड़ी के पास पहाड़ आ जाने से फोरलेन बंद हो गया है।
बेहतरीन काम कर रही सरकार
सुजानपुर के विधायक कै. रणजीत सिंह ने कहा कि यह आपदा पूरे प्रदेश में आई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इससे निपटने के लिए अच्छा कार्य किया है। पिछली सरकार में जो सडक़ें पांच दिन बंद रहती थीं, वे इस बार आधे घंटे में खोल दी गई। आपदा में जलशक्ति विभाग ने अच्छा कार्य किया है। उन्होंने मांग की कि सुजानपुर क्षेत्र के सभी नालों का तटीयकरण किया जाए। उन्होंने पूर्व सरकार पर को जमकर कोसा।
असल आपदा तो आर्थिक संकट
जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि यह आपदा पहली बार नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी आपदा नहीं है, सबसे बड़ी आपदा तो अभी आने वाली है। प्रदेश की खस्ता वित्तीय स्थिति यहां सबसे बड़ी आपदा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक आपदा कई सालों के लिए आएगी, इसलिए अब समय आ गया है जब हमें जनता को सच बता देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम सभी जिम्मेदार है।
केंद्र सरकार लाई आर्थिक संकट
चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू ने कहा कि नगर पंचायत अंब में हर घर व दुकान में बरसात का पानी घुस गया, जिससे लोगों को नुकसान हुआ है। आपदा क्यों आ रही है, इस पर विचार करना जरूरी है। आर्थिक संकट प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में है। जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, तब से आर्थिक संकट आ गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सहयोग की मांग की थी, लेकिन विपक्ष सहयोग नहीं करता।


