**चुनावी हुंकार: जिला परिषद वार्ड गोरली-मडावग से ज्ञान ठाकुर ने ठोंकी ताल**

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## **चुनावी हुंकार: जिला परिषद वार्ड गोरली-मडावग से ज्ञान ठाकुर ने ठोंकी ताल**
**चौपाल (शिमला):** जिला परिषद वार्ड गोरली-मडावग में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शराण (थुंदल) गांव के निवासी और प्रखर वक्ता **ज्ञान ठाकुर** ने इस बार जनता की आवाज बनकर चुनावी समर में उतरने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक कार्यों में सक्रिय ठाकुर ने “विकास और बदलाव” के संकल्प के साथ अपनी दावेदारी पेश की है।
### **छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर**
ज्ञान ठाकुर का राजनीतिक सफर वर्ष 2001 में विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ था। 2003 में विस्तारक और फिर भाजपा युवा मोर्चा में जिला पदाधिकारी से लेकर युवा मंडल अध्यक्ष चौपाल तक की जिम्मेदारियां उन्होंने बखूबी निभाईं। इसके अलावा, उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच और भाजपा जिला सचिव के पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती दी।
### **विकास के कार्यों का ट्रैक रिकॉर्ड**
प्रदेश सरकार के 20 सूत्री कार्यक्रम के सदस्य और BSNL शिमला-किन्नौर के डायरेक्टर (टेक मेंबर) रहते हुए ज्ञान ठाकुर ने क्षेत्र की संचार व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार किए। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में चौपाल विधानसभा क्षेत्र में लगभग **64 नए BSNL टावर** लगवाए गए, जिससे दुर्गम इलाकों में नेटवर्क की समस्या का समाधान हुआ।
### **”बाहल क्षेत्र का हुआ राजनीतिक शोषण”**
प्रेस को जारी बयान में ज्ञान ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बाहल क्षेत्र का हमेशा राजनीतिक शोषण हुआ है। उन्होंने कहा:
> “राजनीतिक प्रतिनिधित्व के नाम पर सभी दलों ने इस क्षेत्र की अनदेखी की है। यहां की जनता ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग किया, लेकिन बदले में इस क्षेत्र को केवल उपेक्षा ही मिली। मेरा उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कुंभकर्णी नींद में सोई सरकारों तक जनता की आवाज पहुंचाना है।”
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ठाकुर ने मडावग, चांजू, चौपाल, खगना, हाम्बल, बाहल और झीना-जखोली की प्रबुद्ध जनता से भावुक अपील की है। उन्होंने क्षेत्र के पिछड़ेपन और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है।
आवाज़ जनादेश से बात करते हुए कहा कि पार्टीवाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए साथ आने की अपील।
उन्होंने कहा कि वह जनता के प्रतिनिधि नहीं बल्कि एक बेटे और भाई के रूप में दिन-रात सेवा करेंगे।
उन्होंने आग्रह किया कि यदि इस बार बाहल क्षेत्र अपनी एकता दिखाने में चूक गया, तो भविष्य में अपनी दावेदारी पेश करना कठिन होगा।
ज्ञान ठाकुर के चुनावी मैदान में उतरने से गोरली-मडावग वार्ड का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। स्थानीय लोगों में उनके पुराने कार्यों और स्पष्ट विजन को लेकर खासी चर्चा है।

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