आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में कैंसर मरीजों के लिए पेट स्कैन (पोजीट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी) की सुविधा मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 2 मार्च को एम्स दौरे के दौरान इस अत्याधुनिक सुविधा का शुभारंभ करेंगे। हालांकि, अभी जेपी नड्डा का बिलासपुर दौरा संभावित है। अभी इसकी कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अब तक प्रदेश के कैंसर मरीजों को पेट स्कैन के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआई जाना पड़ता था। वहां इस जांच के लिए करीब 8,500 रुपये खर्च करने पड़ते थे और जरूरी इंजेक्शन भी मरीजों को अलग से खरीदने होते थे। वहीं, निजी अस्पतालों में इस स्कैन के लिए 10 से 25 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। एम्स में यह सुविधा किफायती दरों पर उपलब्ध होगी, जिससे आम जनता को आर्थिक राहत मिलेगी। पेट स्कैन एक उन्नत मेडिकल इमेजिंग तकनीक है, जो कैंसर की पहचान करने के साथ-साथ उसके बायोलॉजिकल कारणों को समझने में मदद करती है। यह एमआरआई की तुलना में अधिक सटीक परिणाम देती है और शरीर के किस हिस्से में ट्यूमर है, इसका स्पष्ट पता लगाती है।
पेट स्कैन सुविधा के लिए आवश्यक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। स्टाफ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि एम्स प्रदेश का पहला स्वास्थ्य संस्थान होगा, जो इस अत्याधुनिक तकनीक की सुविधा प्रदान करेगा। इससे प्रदेश के कैंसर मरीजों को समय पर जांच और उपचार मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से कैंसर मरीजों को न केवल बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें बार-बार बाहर जाने की परेशानी से भी निजात मिलेगी।
प्रदेश में पहली बार सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों का समय और धन दोनों की बचत होगी। यह तकनीक शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता लगाने में मददगार है। कैंसर के अलावा हृदय और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की जांच में भी उपयोगी है। जेपी नड्डा 2 मार्च को पैट स्कैन के अलावा और भी कई अहम सुविधाओं का शुभारंभ कर सकते हैं।


