धर्मपुर, (मंडी)
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) डिपो धर्मपुर में शनिवार को कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण गेट मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में डिपो के दर्जनों कर्मचारियों ने भाग लिया और प्रदेश सरकार तथा एचआरटीसी प्रबंधन के समक्ष लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की जोरदार मांग उठाई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 25 जून से प्रदेशभर में आंदोलन को तेज करते हुए बसों के पहिए जाम किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और निगम प्रबंधन की होगी।
गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें लंबित पड़ी हुई हैं, लेकिन सरकार और प्रबंधन की ओर से उन्हें पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि बार-बार ज्ञापन और मांग पत्र देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिसके चलते अब कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने मांग की कि लंबित वेतन एवं अन्य वित्तीय देनदारियों का शीघ्र भुगतान किया जाए, कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों और सुविधाओं से जुड़े मामलों का समाधान किया जाए तथा निगम को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ठोस नीति अपनाई जाए। वक्ताओं ने कहा कि एचआरटीसी कर्मचारी विषम परिस्थितियों में भी यात्रियों को बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि 25 जून तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर प्रस्तावित आंदोलन में धर्मपुर डिपो के कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और बस सेवाओं को प्रभावित करने सहित अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
इस अवसर पर सुरेंद्र शर्मा, कमलेश कुमार, सुनील कुमार, राजेश कुमार, राजेश कुमार तथा कश्मीरी लाल सहित दर्जनों कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आम जनता को परेशानी में डालना नहीं है, लेकिन यदि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रबंधन से वार्ता कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील भी की।




