हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की शीतकालीन परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं

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पुराने प्रश्नपत्र पर ही होगा परीक्षाओं का पैटर्न

आवाज जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त शीतकालीन स्कूलों में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं में पुराने पैटर्न में ही प्रश्नपत्र आएगा। ये प्रश्नपत्र तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की होने वाली परीक्षाओं के दौरान वितरित किए जाएंगे। इन स्कूलों में प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान होने वाली परीक्षाओं में किया जाएगा। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला मार्च में होने वाली परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्रों का पैटर्न बदलने की तैयारी कर रहा है, लेकिन नवंबर-दिसंबर में सूबे के शीतकालीन स्कूलों में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के दौरान सरकारी और बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों की तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र पुराने पैटर्न में ही आएगा, क्योंकि शीतकालीन स्कूलों में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए अब कुछ माह ही शेष बचे हैं। इसके चलते इन शीतकालीन स्कूलों में नए पैटर्न के तहत प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि मार्च, 2025 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्नपत्र नए प्रारूप में नजर आएंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दौरान 35 फीसदी आसान, 30 फीसदी नपे-तुले और 25 फीसदी कठिन प्रश्न पूछे जाएंगे। अलग-अलग सेक्शन में पूछे जाने वाले एमसीक्यू प्रश्नों को सेक्शन-ए में रखा जाएगा। यह संख्या 20 फीसदी तक होगी। इसके अलावा एमसीक्यू प्रश्नों को हल करने के लिए ओएमआर सीट भी दी जाएगी। यह बदलाव तीसरी, पांचवीं, आठवीं, नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रश्नपत्रों में देखने को मिलेगा। प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करने का मुख्य उद्देश्य बोर्ड के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। नए पैटर्न के तहत 35 फीसदी आसान प्रश्न, 30 फीसदी नपे-तुले और 25 फीसदी कठिन प्रश्न पूछे प्रस्तावित हैं।

किस जिले में कितने हैं शीतकालीन स्कूल

जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले में सबसे अधिक 21 ऐसे स्कूल हैं, जोकि शीतकालीन श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा जिला कांगड़ा में एक, चंबा में 15, कुल्लू में तीन, किन्नौर में तीन, मंडी में 11, सिरमौर में सात और सोलन जिला में करीब छह स्कूल ऐसे हैं जिनमें वार्षिक बोर्ड की 10वीं-12वीं कक्षा को छोड़कर अन्य परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर में होती हैं।
शिक्षा बोर्ड मार्च, 2025 से बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करने जा रहा है। नवंबर-दिसंबर में होने वाली शीतकालीन स्कूलों की परीक्षाओं के दौरान यह बदलाव नहीं होगा, क्योंकि इन परीक्षाओं के लिए कम समय होने के कारण नए प्रारूप में प्रश्नपत्र अभी तैयार नहीं किए जा सके हैं, जिसके चलते इन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नए पैटर्न को लागू किया जाएगा।

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