परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की मुख्य परीक्षा से पहले प्रदेश में तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के तीन मॉक टेस्ट लिए जाएंगे।
आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की मुख्य परीक्षा से पहले प्रदेश में तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के तीन मॉक टेस्ट लिए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इस सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश का रैंक सुधारने के लिए पहली बार यह पहल शुरू की है। विद्यार्थियों का पहला टेस्ट आज रखा गया है। दूसरा और तीसरा टेस्ट अक्तूबर और नवंबर में होगा। मुख्य परीक्षा 19 नवंबर को होगी। कोरोना काल में शिक्षा की गुणवत्ता में देशभर में पिछड़े हिमाचल के रैंक में सुधार के लिए परख सर्वे-2024 के तहत मॉक टेस्ट की कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और रैंकिंग सुधारने के लिए मॉक टेस्ट होंगे।
मॉक टेस्ट सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में लिए जाएंगे, ताकि राष्ट्र स्तर पर होने वाले परख सर्वे-2024 (प्रदर्शन मूल्यांकन समीक्षा एवं समग्र विकास) में प्रदेश की रैंकिंग को सुधारा जा सके। मॉक टेस्ट के बाद विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर को जांचने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से 19 नवंबर को राष्ट्र स्तरीय परख ऑफलाइन टेस्ट होगा। इसमें तीसरी, छठी और नौवीं के विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर जांचा जाएगा। शिक्षा मंत्रालय की ओर से वर्ष 2017 में लिए टेस्ट में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में 14वें स्थान पर थी, जोकि चार वर्ष बाद 2021 में 18वें स्थान पर पहुंच गई। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद रहने और ऑनलाइन शिक्षा कम होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई थी। इससे विद्यार्थियों का आधार कमजोर हुआ और पढ़ाई में विद्यार्थियों का स्तर पिछड़ गया।


