कोलकाता रेप मर्डर प्रकरण: अब मेडिकल कालेजों में खुलेंगी पुलिस चौकी

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों पर बढ़ाई जाएगी सुरक्षा

आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता मामले में संज्ञान लेते हुए अब स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार को मेडिकल कालेजों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बंदोबस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके चलते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर सहित हिमाचल के मेडिकल कालेजों को सुरक्षित बनाने के निर्देश जारी किए हैं। मेडिकल कालेजों में सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव सीएस व डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डीजीपी को लिखा पत्र लिख सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके तहत अब अस्पतालों में पुलिस चौकी, सुरक्षा 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरे, लाइट्स का बंदोवस्त, हैल्थवर्कर्ज के आवाजाही के स्थान को सुरक्षित करने, स्वास्थ्य-प्रशासन व पुलिस संग सुरक्षा कमेटी गठित करने, स्वास्थ्य संस्थानों में हैल्थवर्कर्ज संग किए जाने वाले अपराध की धाराएं-सजा सहित सभी जरूरी बंदोवस्त करने अनिवार्य होंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत आरजी कर मेडिकल कालेज में हुई घटना के मद्देनजर एम्स सहित सभी अस्पतालों को पत्र लिखा है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव व डीजीपी को मिले पत्र के तहत उनकी ओर से राज्य भर के सभी मेडिकल कालेजों को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य संस्थानों में महत्त्वपूर्ण स्थलों में हिंदी और इंग्लिश में हैल्थकेयर वर्कर्ज व स्वास्थ्य संस्थान में किसी भी अप्रिय घटना के संदर्भ में कानून की धाराएं, जुर्माना व सजा को बोर्ड के माध्यम से दर्शाना होगा। अस्पताल में प्रवेश व निकासी द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, ताकि आने-जाने वाले सभी लोगों की गतिविधियों को कैमरों में कैद किया जा सके। अगर कोई अप्रिय घटना कैद होती है, तो अपराधी को तुरंत पकडऩे में मदद मिले। अस्पताल सुरक्षा कमेटी का गठन किए जाने जिसमें वरिष्ठ डाक्टरों संग प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल करने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां सीसीटीवी लगाने, हैल्थवर्कर्ज की आवाजाही के रास्ते को सुरक्षित बनाने, अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी का प्रावधान व पुलिस सहायता नंबर, तामीरदारों की संख्या निर्धारित करने व पास सिस्टम सहित 24 घंटे चलने वाला सिक्योरिटी रूम होना भी अनिवार्य किया है।

सभी जिलों के सीएमओ को जल्द कदम उठाने के निर्देश

सीएस व डीजीपी की ओर से उक्त सभी तथ्यों को लेकर प्रदेश के सभी 12 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ व अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एमएस से इस संबंध में जल्द से जल्द उचित कदम उठाने सहित रिपोर्ट जमा करवाने को कहा गया है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डा. राजेश गुलेरी ने बताया कि मेडिकल कालेजों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता किए जाने के लिए दिशा-निर्देश मिले हैं। इस संबंध में सभी संस्थानों को उचित कदम उठाने को कहा गया है, जिसकी रिपोर्ट भी अस्पतालों को भेजनी होगी।

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