कोलकाता रेप-मर्डर केस में विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और डाली पानी की बौछारें
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
कोलकाता के ट्रेनी डाक्टर रेप-मर्डर केस को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। छात्र संगठनों ने मंगलवार को राजधानी में एक बड़ा मार्च निकाला, इसे ‘नवन्ना अभियान’ (सचिवालय मार्च) नाम दिया गया। पुलिस के विरोध के बावजूद पश्चिम बंग के बैनर तले हजारों प्रदर्शनकारी छात्र इस मार्च में शामिल हुए। प्रशिक्षु डॉक्टर के दुष्कर्म एवं हत्या के परिप्रेक्ष्य में पीडि़ता के लिए न्याय तथा महिला सुरक्षा में गिरावट को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने पर आमादा पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें की। प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा के सतरागाछी में बैरिकेड तोड़ दिया। यहां के स्टेशन पर रेलवे ट्रैक से पत्थर उठाकर फेंके जाने से कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हावड़ा और कोलकाता में झड़पों में कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। कोलकाता के कालेज स्ट्रीट में प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें भी की गईं। हावड़ा के फोरशोर रोड पर कोना एक्सप्रेस हाई-वे पर कुछ और बैरिकेड्स गिरने पर सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज, पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस ने हावड़ा ब्रिज पर भी राष्ट्रीय तिरेगा लेकर नारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों पर इसी तरह की कार्रवाई की।
मार्च के आह्वान के मद्देनजर पुलिस ने सचिवालय के चारों ओर 19 जगहों पर बैरिकेङ्क्षडग की थी। सचिवालय की इमारत के चारों ओर लगभग छह हजार कर्मियों की बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था, जिसमें लड़ाकू बल, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और बंगाल पुलिस तथा कोलकाता पुलिस के दंगा निरोधक पुलिस ने राज्य सचिवालय तथा हावड़ा और कोलकाता के पड़ोसी इलाकों की ओर जाने वाली सडक़ों पर बैरिकेड्स लगा दिए थे। प्रदर्शनकारियों ने दो जगहों पर इक_ा होकर सचिवालय की ओर बढऩे की कोशिश की, जहां पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग किया। पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक सचिवालय तक मार्च के दौरान हिंसा की साजिश रचने के आरोप में चार छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कोलकाता से पुलिस की मनमानी की तस्वीरों ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों को महत्त्व देने वाले हर व्यक्ति को नाराज किया है। दीदी के पश्चिम बंगाल में दुष्कर्मियों और अपराधियों की मदद करना सही है, लेकिन महिला सुरक्षा के लिए बोलना अपराध है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद में कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सरकार ने इतने अरेंजमेंट्स क्यों किए हैं? कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। विपक्ष और सत्ताधारी दल को आपस में बैठकर बात करनी चाहिए कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो।
बंगाल बंद पर भाजपा-टीएमसी आमने-सामने
बंगाल बंद को लेकर भाजपा-टीएमसी आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा ने राज्य सचिवालय तक प्रोटेस्ट मार्च में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 12 घंटे का बंगाल बंद का आह्वान किया। वहीं इस पर ममता सरकार ने कहा कि बुधवार को बंद नहीं रहेगा। सरकारी कर्मचारी ऑफिस पहुंचें। ममता सरकार ने लोगों से भाजपा द्वारा बुलाए बंद में भाग न लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक अधिसूचना जारी करके अपने सभी कर्मचारियों को बंगाल बंद में शामिल न होने का अल्टीमेटम दिया।


