सूख चुके पारंपरिक पेयजल स्रोतों की रिपोर्ट भी मांग…………………..
जल शक्ति अभियान की केंद्रीय प्रभारी ने अधिकारियों के साथ की बैठक……………..
आवाज़ जनादेश धर्मशाला, 12 जुलाई: जल शक्ति अभियान की केंद्रीय प्रभारी अधिकारी एवं
ज्वाइंट सेक्रेटरी भारत सरकार नंदिता गुप्ता ने कांगड़ा जिला में जल शक्ति
अभियान का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने तथा नियमित तौर पर समीक्षा
करने के दिशा निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए।
इस बाबत डीसी कार्यालय के सभागार में एक आवश्यक समीक्षा बैठक भी
आयोजित की गई जिसमें जल शक्ति अभियान के तहत हुए कार्याें की समीक्षा भी
की गई। उन्होंने सभी सरकारी कार्यालयों के भवनों में वर्षा जल संग्रहण
के ढांचे विकसित करने की कार्य योजना तैयार करने के दिशा निर्देश भी दिए
हैं इसके साथ ही जल शक्ति अभियान की केंद्रीय प्रभारी नंदिता गुप्ता ने
कहा कि जिला में उचित भू जल स्तर के लिए पौधारोपण की योजना भी तैयार करने
के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पांरपरिक पेयजल स्रोतों के बारे
में रिपोर्ट तैयार की जाए जो पूरी तरह से सूख गए हैं तथा इन पारंपरिक
स्रोतों के सरंक्षण के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से जल संरक्षण और संवर्धन को
लेकर देश भर में जल शक्ति अभियान आरंभ किया गया है तथा इसके प्रथम चरण
में 15 सितम्बर तक सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सरंक्षण को लेकर
प्लान तैयार करने के दिशा निर्देश आईपीएच, ग्रामीण विकास विभाग तथा वन
विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं ताकि जल शक्ति अभियान के तहत पेयजल
संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर आधारभूत संरचना विकसित की जा सके।
प्लान के आधार पर ही जल संरक्षण के प्रोजेक्ट के लिए बजट का प्रावधान भी
किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा वनीकरण के कार्य को अंजाम
दिया जाएगा और उसी के साथ जल संरक्षण को लेकर अन्य उपाय भी किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कई स्थानों पर ग्राउंड वाटर
लेवल नीचे आ गया है। ऐसे में व्यवहारिक तौर पर कदम उठाए जाने की जरूरत है
ताकि ग्राउड़ वाटर लेवल ऊपर आएं तथा इसके अलावा जल संरक्षण की दिशा में भी
कारगर परिणाम सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत जिला स्तर पर नियमित तौर पर
मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी इसमें पंचायतों की सहभागिता भी
सुनिश्चित की जाएगी ताकि अभियान के मूल उददेश्य की पूर्ति की जा सके।
इससे पहले उपायुक्त राकेश प्रजापति ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए
कांगड़ा जिला में जल शक्ति अभियान के तहत कहा कि पंचायतों की ग्राम सभाओं
में भी जल संरक्षण ढांचे विकसित करने के लिए सेल्फ तैयार करने के दिशा
निर्देश दिए गए हैं तथा जिला की सभी 748 पंचायतों में जल संरक्षण के
ढांचे विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा ताकि सभी क्षेत्रों में जल
संरक्षण तथा वाटर लेवल के स्तर को बेहतर बनाया जा सके।
इससे पहले परियोजना अधिकारी डीआरडीए मुनीष शर्मा ने जल शक्ति अभियान के
बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर एडीसी राघव शर्मा, परियोजना अधिकारी डीआरडीए मुनीष शर्मा
आईपीएच, वन विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
सरकारी भवनों में वर्षा जल संग्रहण ढांचे विकसित करने के निर्देश
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