धर्मपुर की धरती से जुड़े चिकित्सक ने 33 वर्षों तक निभाई जनसेवा की मिसाल, सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज सेवा जारी रखने का लिया संकल्प
धर्मपुर (मंडी), 1 अगस्त।
डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज, नाहन के रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) एवं धर्मपुर उपमंडल से संबंध रखने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश शर्मा 33 वर्षों की लंबी, निष्कलंक और समर्पित सरकारी सेवा के बाद शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्त होने पर चिकित्सा जगत, सहकर्मियों, विद्यार्थियों तथा क्षेत्र के लोगों ने उनके उल्लेखनीय योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण को भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डॉ. दिनेश शर्मा का चिकित्सा क्षेत्र में सफर संघर्ष, समर्पण और सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण रहा है। उन्होंने 4 मार्च 1993 को जिला मंडी के दुर्गम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जंजैहली में मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी सरकारी सेवा शुरू की। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने के बाद वर्ष 2004 में उनका तबादला प्रदेश के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला में हुआ, जहां उन्होंने रेडियोलॉजी विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद मई 2016 में उन्होंने डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज, नाहन के रेडियोलॉजी विभाग की जिम्मेदारी संभाली।
जब रेडियोलॉजी विभाग पर मंडरा रहा था निजीकरण का खतरा
नाहन मेडिकल कॉलेज में कार्यभार संभालने के दौरान रेडियोलॉजी विभाग गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था। विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीकी स्टाफ की भारी कमी के चलते विभाग को बंद करने अथवा निजी हाथों में सौंपने की चर्चाएं तेज थीं। ऐसे समय में डॉ. दिनेश शर्मा ने परिस्थितियों के आगे झुकने के बजाय विभाग को बचाने का बीड़ा उठाया।
बताया जाता है कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात कर विभाग को सरकारी नियंत्रण में बनाए रखने का आग्रह किया। सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के बावजूद उन्होंने दिन-रात मेहनत कर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन सहित अन्य आवश्यक रेडियोलॉजी सेवाओं को कभी बाधित नहीं होने दिया। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और अथक प्रयासों का ही परिणाम रहा कि विभाग का निजीकरण टल गया और आज भी यह विभाग पूरी तरह सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत आम जनता को सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए बने संबल
रेडियोलॉजी विभाग किसी भी अस्पताल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। सटीक जांच के बिना सही उपचार संभव नहीं होता। यदि उस समय विभाग निजी हाथों में चला जाता तो सिरमौर जिले के हजारों गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों, गर्भवती महिलाओं और दूरदराज के मरीजों को महंगी निजी जांचों का सहारा लेना पड़ता।
डॉ. दिनेश शर्मा के प्रयासों से हजारों मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ही सरकारी दरों पर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और अन्य रेडियोलॉजी जांचों की सुविधा मिलती रही। उनके कार्यकाल में मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिली।
33 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद नई शुरुआत
लगभग 33 वर्षों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने वाले डॉ. दिनेश शर्मा ने अपने पूरे कार्यकाल में ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा की। सहकर्मी उन्हें एक कुशल प्रशासक, उत्कृष्ट रेडियोलॉजिस्ट और सरल व्यक्तित्व के रूप में याद करते हैं।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकारी सेवा समाप्त होने के बाद भी उनका समाज के प्रति दायित्व समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अपना शेष जीवन समाज सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए समर्पित करेंगे, ताकि जनसेवा का यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहे।
भावभीनी विदाई, उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में सहकर्मियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने डॉ. दिनेश शर्मा के लंबे अनुभव, उत्कृष्ट कार्यशैली और अस्पताल के विकास में उनके योगदान की सराहना की। सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। धर्मपुर क्षेत्र के लोगों ने भी अपने क्षेत्र के इस गौरव पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा की नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
रेडियोलॉजी विभाग को निजी हाथों में जाने से बचाने वाले HOD डॉ. दिनेश शर्मा सेवानिवृत्त
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