प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित

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धर्मपुर, 30 जुलाई।* प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) धर्मपुर के अंतर्गत सर्किल संधोल की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए गुरुवार को एक दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर धनी राम की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में सर्किल की 26 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को योजना के नवीनतम दिशा-निर्देशों, पात्र लाभार्थियों की पहचान, आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन तथा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया गया कि प्रथम गर्भधारण अथवा प्रथम जीवित संतान के लिए पात्र महिला को दो किश्तों में ₹5,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वहीं, दूसरी संतान बालिका होने पर पात्र लाभार्थी को ₹6,000 की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
प्रशिक्षण में पात्र लाभार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, पीएमएमवीवाई पोर्टल पर समयबद्ध आवेदन अपलोड करने की प्रक्रिया, एनपीसीआई मैपिंग तथा पीएमएमवीवाई सॉफ्ट ऐप में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम के माध्यम से सत्यापन संबंधी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पात्र महिला का आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पोर्टल पर अपलोड एवं निस्तारित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
प्रतिभागियों को प्रशिक्षण को अधिक उपयोगी बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण वीडियो, दिशा-निर्देश, संदर्भ सामग्री तथा अन्य अध्ययन सामग्री से संबंधित क्यूआर कोड भी उपलब्ध करवाए गए, जिससे वे आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग कर योजना संबंधी जानकारी को अद्यतन रख सकें।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी धनी राम ने कहा कि परियोजना धर्मपुर के सभी सर्किलों में इसी प्रकार के रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, ताकि सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता योजना के नवीनतम प्रावधानों एवं डिजिटल प्रक्रियाओं से पूर्णतः परिचित हों और पात्र महिलाओं को समयबद्ध रूप से योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे क्षेत्र की गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा मातृ एवं शिशु के समुचित पोषण पर करने के लिए भी प्रेरित करें, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

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