अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस पर हिमाचल प्रदेश में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ मनाते हुए 10 स्थानों पर एनडीपीएस मामलों में जब्त 13.28 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। पुलिस ने इसे ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताते हुए लोगों से नशा तस्करी की सूचना 112 पर देने की अपील की।
हिमाचल के इतिहास में पहली बार एक साथ 13.28 करोड़ रुपये की नशे की खेप नष्ट की गई। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश में 10 जगहों पर वैज्ञानिक तरीके से नशीले पदार्थों का निस्तारण किया गया। प्रदेश सचिवालय से मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत की अध्यक्षता में वर्चुअल मॉनिटरिंग के साथ प्रदेश के 10 अलग-अलग स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त मादक पदार्थ नष्ट किए गए। नष्ट किए गए मादक पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 13.28 करोड़ रुपये आंका गया है।
प्रदेश सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए पंत ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ यह प्रदेश सरकार का कड़ा संदेश है। प्रदेश में नशे के काले कारोबार के लिए अब कोई स्थान नहीं है। शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को नशे से बचाकर उनका भविष्य सुरक्षित करना है। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने बताया कि प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी में एंटी चिट्टा टेस्ट अनिवार्य करने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए तकनीकी मापदंड तय कर रहा है। नियम तय होते ही इनकी अधिसूचना होगी।
उन्होंने कहा कि चिट्टा को लेकर सभी अधिकारियों के प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा और यह उनकी वार्षिक रिपोर्ट में भी दर्ज किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान चलाया जा रहा है। न सिर्फ चिट्टा तस्करों पर कार्रवाई हो रही है बल्कि चिट्टा पीड़ितों के पुनर्वास और इलाज को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
महिलाओं के लिए मशोबरा में शुरू किए गए नशा निवारण केंद्र में आईजीएमसी के डॉक्टरों की मदद से दो मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। पिट एनडीपीएस एक्ट में मुख्य सचिव के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है, पूरे देश में इस साल इस एक्ट में जितनी कार्रवाई हुई है उसमें एक तिहाई हिमाचल में हुई है। तस्करों पर वित्तीय चोट करने के मामले में भी हिमाचल प्रदेश देश में अव्वल है
एडीजीपी सीआईडी ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि जब्त की गई अफीम को रिसाइकलिंग कर दवाएं बनाने में भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस मौके पर आईजी इंटेलिजेंस संतोष कुमार पटियाल, एंटी चिट्टा स्पेशल टास्क फोर्स के इंचार्ज डीआईजी अरविंद दिग्विजय नेगी, डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर गुरदेव शर्मा, पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह, एएसपी शिमला मेहर पंवार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल के इतिहास में पहली बार एक साथ 13.28 करोड़ की नशे की खेप नष्ट
Date:


