आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली तत्तापानी में मौनी अमावस्या की पावन बेला पर श्रद्धालूओं ने आस्था की डुबकी लगाई । पौराणिक कथाओं के अनुसार माघ महीने में पवित्र स्नान का विशेष महत्व माना जाता है और इस मौनी अमावस्या तिथि के कारण यह स्नान और भी विशेष हो जाता है। मान्यता अनुसार आज के दिन मां गंगा में स्नान करने के लिए गृहों की स्थिति सबसे अनुकूल होती है। बहरहाल प्रातः से श्रद्धालुओं ने स्नान इत्यादि करना आरंभ कर दिया और तुलादान करवा पुण्य कमाया। तत्तापानी में प्रातः से गाड़ियों की जताते लगी रही और स्नानागार के समीप श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा । जानकारी के अनुसार महाकुंभ के सबसे बड़े अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर दुर्लभ संयोग बना और पहली बार चतुष्पदीय महायोग में संगम की पावन धारा में डुबकी सर्वसिद्धियों की प्रदाता बनी और चार रूपों में ग्रहों की स्थितियां महायोग बना रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने बुधादित्य योग के साथ सर्वसिद्धि योग में पुण्य की डुबकी लगाई। इस दौरान मेला स्थल पर सजी अस्थाई दुकानों पर श्रद्धालुओं ने अपनी रोजमर्रा की वस्तुओं की जमकर खरीददारी की । मेले में बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना झूले पर भी खूब आनंद लिया ।


