आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
पिछले वर्षों में मंदिरों के प्रवेश द्वार पर अक्सर एक बोर्ड देखा जाता है, जिसमें लिखा होता है- मंदिरों में अमर्यादित वस्त्र पहनकर प्रवेश करना वर्जित है। हिमाचल प्रदेश के कई मंदिरों में यह बोर्ड पाया जाता है। इसी कड़ी में अब हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में भी यह निर्णय लिया गया है। अक्सर देखा जाता है कि भक्त अमर्यादित कपड़े पहनकर मंदिरों में प्रवेश करते हैं। जाखू मंदिर न्यास ने निर्णय लिया है कि भक्त अब अमर्यादित कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इस संदर्भ में जल्द ही मंदिर परिसर में बोर्ड भी लगाए जाएंगे। यह मुद्दा शुरुआत से ही बहस का विषय रहा है।
जाखू मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाया जाता है। अब मंदिर न्यास ने निर्णय लिया है कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाया जाने वाला तेल और सिंदूर का केवल एक हिस्सा ही मंदिर में चढ़ाया जाएगा और बाकी वापस किया जाएगा। हर साल मंदिर में करोड़ों रुपयों का चढ़ावा आता है। इस वर्ष 1 जनवरी 2024 से 30 अगस्त 2024 तक मंदिर में कुल 1 करोड़ 99 लाख 47 हजार 571 रुपए का चढ़ावा आया है। अब तक 79 लाख 66 हजार 423 रुपए विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं। जाखू मंदिर के विभिन्न बैंकों के बचत खातों में 3 करोड़ 55 लाख 53 हजार 75 रुपए जमा हैं।


