आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
भारत की दूसरी न्यूक्लियर सबमरीन अरिघात को भारतीय नौसेना को सौंपा दिया गया है। अरिघात को 2017 में लांच किया गया था। तब से इसकी टेस्टिंग जारी थी। अब फाइनली इसे कमीशन किया गया है। अरिघात आईएनएस अरिहंत का अपग्रेडेड वर्जन है। इसे विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के शिप बिल्डिंग सेंटर में बनाया गया था। अरिहंत की तरह ही अरिघात भी 750 किलोमीटर की रेंज वाली के-15 मिसाइलों से लैस होगी। इस सबमरीन का वजन 60 हजार क्विंटल है। भारतीय नौसेना अब तक तीन न्यूक्लियर सबमरीन तैयार कर चुकी हैं।
इसमें से एक अरिहंत कमीशंड है, दूसरी अरिघात अब मिली है और तीसरी एस 3 पर टेस्टिंग जारी है। इन सबमरीन के जरिए दुश्मन देशों पर परमाणु मिसाइल दागी जा सकती हैं। अरिघात समुद्र के अंदर मिसाइल अटैक करने में उसी तरह सक्षम है, जिस तरह अरिहंत ने 14 अक्तूबर, 2022 को टेस्टिंग की थी। इसी के साथ भारत अमरीका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के अलावा दुनिया का छठा न्यूक्लियर ट्रायड देश बन गया था।


