खामेनेई के जनाजे की प्रक्रिया शुरू, अंतिम यात्रा के लिए ये शहर ही क्यों चुने?

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आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की प्रक्रिया शुरू हो गई। अमेरिका-इस्राइल के हमले में 28 फरवरी को उनकी मृत्यु हुई थी। अब युद्धविराम की घोषणा के बाद, उन्हें नम आंखों से विदाई दी जा रही। खामेनेई के जानजे में कई देशों के प्रमुख और प्रतिनिध भी शामिल होंगे। अंतिम यात्रा दो देशों और पांच शहरों से होकर गुजरेगी। इस प्रक्रिया में सात दिन लगेंगे।
कितने लोगों के शामिल होने की उम्मीद?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई का अंतिम विदाई दुनिया की सबसे बड़ी और अनूठी घटनाओं में से एक हो सकता है। अनुमान है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में 1.5 से 2 करोड़ (15 से 20 मिलियन) लोग शामिल होंगे। खामेनेई के अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए तेहरान की यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए मेट्रो और सरकारी बसों को मुफ्त कर दिया गया है। बाहर से आने वालों के लिए होटल की दरों में कमी की गई है। विशेष ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है। स्कूलों और मस्जिदों में भी ठहरने की व्यवस्था की गई है।

क्या है अंतिम यात्रा का पूरा कार्यक्रम?
1. तेहरान: खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत 3 जुलाई को ईरान की राजधानी तेहरान से हुई। खामेनेई, उनकी पत्नी, बेटी, दामाद और 14 महीने की पोती के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद में रखा गया है। आम जनता के साथ-साथ 100 से अधिक देशों के विदेशी गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधि श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। खामेनेई के पार्थिव शरीर को यहां तीन दिनों तक रखा जाएगा। 6 जुलाई को, तेहरान के विभिन्न हिस्सों से खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

2. कोम: चौथे दिन, खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान से कोम ले जाया जाएगा। यह 7 जुलाई को कोम पहुंचेगा। कोम शिया इस्लाम का एक प्रमुख केंद्र है। उनके अंतिम प्रस्थान को चिह्नित करने के लिए वहां कई धार्मिक कार्य किए जाएंगे।

3. नजफ: कोम के बाद, खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक ले जाया जाएगा। 8 जुलाई को, खामेनेई के ताबूत को इराक के पवित्र शहर नजफ ले जाया जाएगा। नजफ शिया समुदाय के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। इमाम अली की दरगाह पर एक सार्वजनिक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

4. कर्बला: नजफ के बाद, खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर कर्बला ले जाया जाएगा, जहां इमाम हुसैन और उनके भाई अब्बास की पवित्र दरगाहों पर अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।

5. मशहद: 9 जुलाई को, सभी धार्मिक समारोहों को पूरा करने के बाद, खामेनेई के पार्थिव शरीर को पूर्वोत्तर ईरानी शहर मशहद वापस लाया जाएगा। मशहद खामेनेई का गृह जिला है। उन्हें 9 जुलाई को मशहद में ऐतिहासिक और पवित्र इमाम रजा श्राइन परिसर में दफनाया जाएगा।

इन पांच शहरों को क्यों चुना गया?
ईरान और इराक के ये पांच शहर इस्लामी मान्यताओं के, विशेषकर शिया समुदाय के, पवित्र केंद्र हैं। इसलिए, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई, जो कई वर्षों तक दुनिया के सबसे प्रमुख शिया धर्मगुरु रहे। उनके पार्थिव शरीर को इन सभी स्थानों पर ले जाया जाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्राइल के साथ हुए भीषण युद्ध के बाद यह घटनाक्रम ईरान की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा।

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