धर्मपुर डिपो के कर्मचारी भी होंगे शामिल
धर्मपुर, 18 जून। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में लंबित मांगों को लेकर स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन ने 25 जून 2026 से प्रदेशव्यापी “काम छोड़ो आंदोलन” शुरू करने का ऐलान कर दिया है। यूनियन द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मपुर को इस संबंध में औपचारिक पत्र भेजकर आंदोलन की जानकारी दी गई है।
यूनियन के अनुसार 12 मई 2026 को प्रबंधन निदेशक एचआरटीसी को 22 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया था। इसके बाद 2 जून 2026 को प्रबंधन के साथ हुई वार्ता भी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 के तहत विधिवत नोटिस जारी करते हुए 25 जून से प्रदेशभर में “काम छोड़ो आंदोलन” शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा तथा हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम 1968 के प्रावधानों के तहत अस्पतालों एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक बस सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
पत्र में कहा गया है कि धर्मपुर डिपो क्षेत्र में कार्यरत सभी परिचालक सदस्य 25 जून से आंदोलन में भाग लेंगे। साथ ही आंदोलन के दौरान डिपो परिसरों, बस अड्डों और निगम की संपत्तियों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और निगम प्रबंधन की होगी।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन शुरू होने से पूर्व प्रबंधन द्वारा मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की जन-असुविधा, वित्तीय नुकसान अथवा कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति की जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की मानी जाएगी।
इस संबंध में यूनियन पदाधिकारियों सुरेंद्र शर्मा, कमलेश कुमार, सुनील कुमार, राजेश कुमार तथा कश्मीरी लाल ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
यूनियन नेताओं ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से आंदोलन शुरू होने से पहले कर्मचारियों के साथ सार्थक वार्ता कर उनकी लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है, ताकि निगम की सेवाएं प्रभावित न हों और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 25 जून से शुरू होने वाला आंदोलन पूरे प्रदेश में व्यापक रूप ले सकता है।


