राहुल गांधी और सुक्खू का नाम लिया, तो जमानत जब्त होना तय-प्रोफेसर सिकंदर कुमार

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हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रदेश महामंत्री व सांसद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने बताया कि पंचायती राज चुनाव में एक बेहद हैरान करने वाला जमीनी सच सामने आया है।कि चुनाव प्रचार में उतरे कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अपने ही केंद्रीय नेता राहुल गांधी और सूबे के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम लेने से कतरा रहे हैं।काँग्रेस प्रत्याशियों को सबसे बड़ा खतरा और डर इस बात का है कि वे जिस भी गांव या चौपाल में जा रहे हैं, वहां जनता उनसे 2022 में किए गए “10 वादों और चुनावी गारंटियों” का हिसाब मांग रही है।
महिलाओं को ₹1500, युवाओं को 5 लाख रोजगार और मुफ्त बिजली जैसी गारंटियां पूरी न होने से देवभूमि की जनता में सुक्खू सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। हालत यह है कि कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी और सुक्खू का नाम लिया, तो जमानत जब्त होना तय-प्रोफेसर सिकंदर कुमार
हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रदेश महामंत्री व सांसद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने बताया कि पंचायती राज चुनाव में एक बेहद हैरान करने वाला जमीनी सच सामने आया है।कि चुनाव प्रचार में उतरे कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अपने ही केंद्रीय नेता राहुल गांधी और सूबे के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम लेने से कतरा रहे हैं।काँग्रेस प्रत्याशियों को सबसे बड़ा खतरा और डर इस बात का है कि वे जिस भी गांव या चौपाल में जा रहे हैं, वहां जनता उनसे 2022 में किए गए “10 वादों और चुनावी गारंटियों” का हिसाब मांग रही है।
महिलाओं को ₹1500, युवाओं को 5 लाख रोजगार और मुफ्त बिजली जैसी गारंटियां पूरी न होने से देवभूमि की जनता में सुक्खू सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। हालत यह है कि कांग्रेस प्रत्याशी अपनी हार के डर से पोस्टरों से कॉंग्रेस के बड़े नेताओं के चेहरे गायब कर चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के कारण पूरे हिमाचल में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में एक जबरदस्त और एकतरफा माहौल बन चुका है! सांसद ने कहा कि इस बार हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के त्रिस्टरीय चुनावों का बिगुल बजते ही सूबे की सियासत में अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सरकार चुनने के लिए चल रहे इस चुनावी महासमर में सत्ताधारी दल कांग्रेस गहरे संकट में घिरती नजर आ रही है। जमीनी हकीकत और राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरें बताती हैं अमूमन किसी भी चुनाव में सत्ताधारी दल के प्रत्याशी मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं की तस्वीरों को ढाल बनाकर वोट मांगते हैं, लेकिन हिमाचल के पंचायत चुनावों में गंगा उल्टी बह रही है। कांग्रेस उम्मीदवारों के बैनर-पोस्टर से मुख्यमंत्री सुक्खू और राहुल गांधी के चेहरे गायब हैं।
उन्होंने बताया कि कॉंग्रेस प्रत्याशियों के भीतर यह बैठ गया है कि अगर उन्होंने सुक्खू सरकार के नाम पर वोट मांगा, तो उन्हें ग्रामीण मतदाताओं के भारी गुस्से का सामना करना पड़ेगा और उनकी हार तय हो जाएगी। प्रत्याशी अब केवल अपने व्यक्तिगत संबंधों और स्थानीय मुद्दों के भरोसे ही अपनी नैया पार लगाने की कोशिश कर रहे हैं।प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने कहा कि एक तरफ जहां प्रदेश की सुक्खू सरकार आर्थिक बदहाली का रोना रोकर विकास कार्यों को रोके बैठी है, वहीं मोदी सरकार की नीतियां सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। यही कारण है कि इस पंचायत चुनाव में जनता ने कांग्रेस को नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में एकतरफा और जबरदस्त माहौल बना दिया है। नादौन विधानसभा की बलडूक पंचायत में आयोजित इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ठाकुर रघुवीर सिंह जी अमित राणा जी जितेंद्र जिंदू जी सरवन कुमार जी वीरेंद्र पठानिया मंडल अध्यक्ष भाजपा नेता पूर्व जिला परिषद आशीष डोगरा जी भी उपस्थित थे।

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