डीएपी और एनपीके खाद ₹50 महंगी, सुक्खू सरकार किसान विरोधी नीतियों पर उतर आई
भाजपा सरकार किसानों को देती थी राहत, कांग्रेस सरकार छीन रही सुविधाएं : सुरेश कश्यप
कर्ज और भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस सरकार अब किसानों की जेब काट रही है
खाद संकट, महंगाई और अव्यवस्था से परेशान किसान, सरकार पूरी तरह विफल : सुरेश कश्यप
शिमला 20 मई 2026: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने प्रदेश सरकार द्वारा डीएपी और एनपीके खाद पर दी जा रही ₹50 प्रति बोरी अतिरिक्त सब्सिडी बंद किए जाने को किसानों के साथ सीधा विश्वासघात बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे किसानों, बागवानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कोई चिंता नहीं है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रदेश के किसान पहले ही प्राकृतिक आपदाओं, उत्पादन लागत में वृद्धि, डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, मजदूरी संकट और मौसम की मार से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में खाद पर मिलने वाली राहत समाप्त करना किसान विरोधी और जनविरोधी निर्णय है। उन्होंने कहा कि डीएपी और एनपीके खाद की प्रति बोरी ₹50 की बढ़ोतरी सीधे तौर पर खेती की लागत बढ़ाएगी, जिसका असर लाखों किसानों और बागवानों पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अभी तक खाद सब्सिडी को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस सरकार किसानों को राहत देने के मूड में नहीं है। प्रदेश के कृषि विभाग के अधिकारी भी यह मान चुके हैं कि अब खाद का नया स्टॉक बढ़ी हुई दरों पर ही मिलेगा।
सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कृषि और बागवानी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश के लगभग 9 लाख से अधिक किसान परिवार खेती और बागवानी से जुड़े हुए हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचा रही है, वहीं हिमाचल की कांग्रेस सरकार किसानों को मिलने वाली छोटी-छोटी राहत भी समाप्त कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय किसानों को राहत देने के लिए खाद पर अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती थी ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को आर्थिक संबल मिल सके। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार हर क्षेत्र में विफल साबित हुई है। सरकार के पास कर्मचारियों को समय पर वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं, विकास कार्य ठप पड़े हैं और अब आर्थिक बदहाली का बोझ किसानों पर डाला जा रहा है।
सुरेश कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्तीय कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और गलत प्राथमिकताओं के कारण प्रदेश को भारी कर्ज में धकेल चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले बड़ी-बड़ी गारंटियां दी थीं, लेकिन आज स्थिति यह है कि न युवाओं को रोजगार मिला, न महिलाओं को वादे पूरे हुए और न ही किसानों को राहत। उल्टा हर वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की उपलब्धता को लेकर भी लगातार अव्यवस्था बनी हुई है। कई सहकारी समितियों और कृषि केंद्रों में समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की लापरवाही के कारण किसान सीजन के दौरान खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं।
सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों के हित में रिकॉर्ड बजट प्रावधान किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सिंचाई योजनाओं और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य हो रहा है। लेकिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार केंद्र की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने में भी विफल रही है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि तुरंत खाद पर दी जा रही ₹50 प्रति बोरी सब्सिडी बहाल की जाए, किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई जाए और खेती की लागत कम करने के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं किया तो भारतीय जनता पार्टी प्रदेशभर में किसानों की आवाज बुलंद करेगी और सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।
कांग्रेस सरकार ने किसानों की कमर तोड़ी, खाद पर सब्सिडी बंद कर डाला आर्थिक बोझ : सुरेश कश्यप
Date:


