धर्मपुर (मंडी)
रियूर अनुसूचित एवं ओबीसी बस्ती और अन्य घरों के गिरने का ख़तरा बरक़रार,अवैध डंम्पिंग जारी,कंपनी ने रास्ते औऱ पेयजल स्त्रोत भी तोड़े,छह महीने पहले उच्च स्तरीय जांच टीम के दौरे के बाद भी नहीँ सुधारे हालात
राष्ट्रीय उच्च मार्ग के निर्माण कार्य के चलते धर्मपुर के साथ लगते क्षेत्र बनाल में स्थानीय लोगों की समस्याएं पिछले दो साल से दूर नहीं हो पाई है और अब अगली बरसात शुरू होने वाली है।जिसके कारण लोगों में कम्पनी और स्थानीय प्रशासन के ख़िलाफ़ भारी नाराज़गी है।लोगों को पेश आ रही दिक़्क़तों का जायज़ा लेने बारे पूर्व ज़िला पार्षद एवं हिमाचल किसान सभा के नेता भूपेंद्र सिंह ने मौके पर जाकर जायज़ा लिया और बताया कि कंपनी और ठेकेदारों द्धारा अवैध रूप में सामग्री डंप की जा रही है जो बरसात में फ़िर से बह कर चलाल और नीचे धर्मपुर पहुंचेगी और तबाही मचाएगी ऐसा पिछली बरसात में भी हो चुका है।रियूर अनुसूचित जाति और ओबीसी बस्ती,खडेला तपवालका और बनाल गांव में ज्ञान चन्द, रूप लाल, पवन कुमार, हंसराज, देश राज, सुनील कुमार, शशिकांत, कृष्ण देव, राजेन्द्र पाल, अनूप कुमार, बीरी सिंह, श्रवण कुमार, विपिन कुमार, संजय, सन्दीप, नन्दलाल, मीरां सकलानी, सत्या देवी, कृष्णा देवी, चंपा देवी इत्यादि के मकानों को पिछली बरसात में ख़तरा पैदा हो गया था और उन्हें प्रसाशन ने रियूर स्कूल में रहने के लिए आदेश किये थे वहां पर बरसात के बाद अभी तक भी न तो सुरक्षा दीवारें लगाई गई हैं और न ही रास्तों का निर्माण किया गया है।कम्पनी ने जो रास्ते, पानी की बाबड़िया,हैंडपंप इत्यादि उखाड़ें हैं उन्हें अभी तक भी पुननिर्मित नहीं किया गया है।हिमाचल किसान सभा के स्थानीय पदाधिकारी जयगोपाल कटवाल, ज्ञान चन्द,चंपा देवी, मीरां सकलानी इत्यादि ने कहा कि वे पिछली बरसात के पहले से ही ईंन समस्याओं के बारे आवाज़ उठा रहे हैं लेकिन धर्मपुर का प्रशासन और विधायक कंपनी के आगे असहाय साबित हो रहे हैं।गत बरसात में हुए नुकस्सन के बाद एक उच्च स्तरीय जांच दल ने 26-27 दिसंबर को स्पॉट इंस्पेक्शन की थी जिसमें स्थानीय विधायक भी शामिल हुए थे जिसमें सभी लंबित कार्यों को मार्च माह तक पूरा करने के निर्देश दिये गए गए लेक़िन अब तो मई महीना आधा बीत गया है और अगली बरसात शुरू होने वाली है लेकिन सभी अधूरे निर्माण कार्य जश के तश लंबित पड़े हैं।ठेकेदार द्वारा ऊपर की ओर की गई कटिंग की सुरक्षा के लिए जो दीवारें नहीं लगाई जा रही हैं जिससे दर्ज़नो घरों के गिरने का ख़तरा पैदा हो गया है।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस एक साल में एक उपलब्धि ये जरूर हुई है कि अब कंपनी ने सड़क निर्माण कार्य, डंगे लगाने इत्यादि का ठेका स्थानीय विधायक के समर्थक एक ठेकेदार को दे दिया है जिसके चलते अब विधायक का मुंह भी बन्द हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अब कंपनी और ठेकेदार विधायक के सरक्षंण में पैसा कमाने का काम कर रहे हैं और अगर कोई अपनी समस्या के बारे में बोलता है तो उन्हें धौंस दिखाते हैं।लोगों का कहना है कि अब जो ठेकेदार इस सड़क का काम करवा रहा है वो कथित तौर पर स्थानीय विधायक का एक ख़ास समर्थक बताया जाता है। इसलिए धर्मपुर के प्रशासन ने भी आंख कान बंद कर लिए हैं।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों को चिंता सता रही है कि आने वाली बरसात से पहले यदि उनके घरों के आगे दीवारें नहीं लगती है तो उन्हें और ज़्यादा नुकसान हो सकता है जिनमें से कुछ परिवार जो एक साल से अपने घर खाली करके किराये के मकानों में रह रहे हैं। भूपेंद्र सिंह और स्थानीय लोगों ने कंपनी,प्रसाशन और विधायक से ईंन सभी कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है और इसके लिए सड़क पर उतरने का भी फैसला लिया है।उन्होंने बताया कि वे इस बारे में प्रभवितों से अगले दो दिनों में कुमाहरडा तक सभी प्रभवितों से संपर्क करेंगे और उसके बाद सड़क पर उतर कर आंदोलन शुरू करेंगे ताकि बरसात से पहले लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।







