राजकीय महाविद्यालय नेरवा में कौशल विकास और रोजगार मेले का ऐतिहासिक शंखनाद

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राजकीय महाविद्यालय नेरवा में कौशल विकास और रोजगार मेले का ऐतिहासिक शंखनाद

हिमाचल के 15 से अधिक संस्थानों के युवाओं ने बुना सुनहरे भविष्य का सपना; डॉ. बी.एस. चौहान और डॉ. हिमेश शर्मा ने दिए सफलता के मंत्र
आवाज़ जनादेश/नेरवा (शिमला): शिक्षा का वास्तविक ध्येय केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ राजकीय महाविद्यालय नेरवा में आयोजित कौशल-विकास कार्यशाला एवं रोजगार मेला वर्ष 2025 का सबसे प्रभावशाली और संगठित आयोजन सिद्ध हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के 15 से अधिक सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपने करियर की नई इबारत लिखी।

विशेषज्ञों ने दिखाया ‘करियर-2040’ का मार्ग
कार्यशाला के प्रथम सत्र में अंतरराष्ट्रीय वक्ता डॉ. बी.एस. चौहान ने आधुनिक तकनीक और मनोविज्ञान के संगम से जन्मजात प्रतिभा की पहचान पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा विश्लेषण के माध्यम से विद्यार्थी अपनी प्राकृतिक क्षमताओं को जानकर तनावमुक्त करियर का चुनाव कर सकते हैं।
वहीं, दूसरे सत्र में डॉ. हिमेश शर्मा ने बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भविष्य में हरित ऊर्जा, डेटा विज्ञान, डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य विज्ञान जैसे क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं को टीमवर्क और नेतृत्व जैसे 15 प्रमुख कौशलों को आत्मसात करने की सलाह दी।
रोजगार मेले में प्रतिभा और अवसरों का मिलन
कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों और विशेषज्ञों ने बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और मीडिया जैसे 35 क्षेत्रों में करियर मार्गदर्शन प्रदान किया। 28 और 29 दिसंबर को आयोजित ऑनलाइन साक्षात्कारों में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
* नारी शक्ति का परचम: इस आयोजन में 80 से अधिक छात्राओं की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम रही।
* डिजिटल चयन: ‘द ट्यूटर’ मंच के माध्यम से 50 से अधिक प्रत्यक्ष संवाद हुए, जिसमें 40 से अधिक रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट किए गए।
मानसिक स्वास्थ्य और नवाचार पर विशेष जोर
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों (नेहा सहल, यमन चौहान, तान्या गुलेरिया व शिवम सूद) ने विद्यार्थियों के लिए विशेष मस्तिष्क व्यायाम सत्र आयोजित किए, जो आकर्षण का केंद्र रहे। साथ ही, ‘हिमालयन राइज’ द्वारा शुरू की गई 15 नई पहलों (जैसे माइंडईज़ और स्किलमास्टर) की जानकारी दी गई, जो युवाओं के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
राजकीय महाविद्यालय नेरवा के प्रधानाचार्य ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य हिमाचल के युवाओं को केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाना है। भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर जारी रहेंगे।”
हिमालयन राइज और स्किल लैब्स चंडीगढ़ के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम को प्रदेश के विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों ने वर्ष 2025 का सबसे परिणामोन्मुख आयोजन करार दिया।

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