‘काले झंडे दिखाने की रिवाज़ बंद होनी चाहिए,’ डिप्टी सीएम ने सदन में उठाया मुद्दा, बोले- ‘सरकार ने गंभीरता से किया आपदा राहत का काम’
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नेताओं को काले झंडे दिखाने और जूते फेंकने की बढ़ती हुई परंपरा पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की रिवाज़ बंद होनी चाहिए, क्योंकि यह राजनीति के लिए सही नहीं है।
सदन में चर्चा के दौरान, मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मौजूदगी में कहा कि हाल ही में राजस्व मंत्री को थुनाग में न केवल काले झंडे दिखाए गए, बल्कि तिरंगे का भी अपमान किया गया, जो कि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि आज हमारे साथ ऐसा हुआ है, कल किसी और के साथ भी हो सकता है। इसलिए ऐसी परंपरा को समाप्त करना जरूरी है।
उन्होंने आपदा राहत पर बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस कठिन समय में पूरी गंभीरता से काम किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल को उसका हक देने की मांग भी की, क्योंकि फेडरल सिस्टम में सभी राज्यों को उनका हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह हिमाचल का हक है और हम इसे लेकर रहेंगे।’
इस दौरान, उप-मुख्यमंत्री ने जयराम ठाकुर को उनकी सरकार के दौरान हुई उपेक्षा की याद दिलाई और कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को ढाई साल तक घर और गाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दी गईं, जबकि वर्तमान सरकार जयराम ठाकुर के प्रति पूरी तरह से मेहरबान है।
इसके जवाब में, जयराम ठाकुर ने कहा कि काले झंडे दिखाने की रिवाज़ उन्होंने शुरू नहीं की है। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद भी किन्नौर और लाहुल में काले झंडे दिखाए गए थे, और तो और उन्हें मारने की कोशिश भी की गई थी।
यह घटना दर्शाती है कि हिमाचल की राजनीति में नेताओं के प्रति विरोध जताने के तरीके को लेकर एक नई बहस छिड़ी है, जिस पर दोनों पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।


