आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चवाई में एक विशेष योग उत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ रखने की दिशा में प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य कुमारी विद्या के प्रेरक संदेश से हुई। उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो तन और मन दोनों को सशक्त करता है। उन्होंने योग को जीवन की बुनियादी आवश्यकता बताते हुए इसे विद्यार्थियों की दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर बल दिया।
योग प्रशिक्षक कमलेश शर्मा ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्राणायाम, ताड़ासन, वज्रासन, भ्रामरी और शवासन जैसे विभिन्न योगाभ्यास कराए। उन्होंने इन क्रियाओं के पीछे की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया। उनका कहना था कि योग न केवल शरीर की लचीलापन और एकाग्रता को बढ़ाता है, बल्कि यह आत्मिक संतुलन और मानसिक शांति भी प्रदान करता है।इस अवसर पर हरीश ठाकुर ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यह अनुशासन मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाला एक संपूर्ण विज्ञान है, जो तनाव प्रबंधन से लेकर चरित्र निर्माण तक में सहायक सिद्ध होता है।उत्सव में बच्चों ने पूर्ण अनुशासन के साथ भाग लिया, जो एक नई पीढ़ी में जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली की ओर एक प्रेरणादायी संकेत है। विद्यालय के समस्त शिक्षकगण इस आयोजन में उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को योग के महत्व से अवगत कराया।


