आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (टीजीटी) भर्ती के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) में न्यूनतम अंक तय कर दिए हैं। इसके साथ ही भर्ती में आवेदन करने की अधिकत्तम आयु सीमा को 47 वर्ष कर दिया गया है। आयोग ने इस संबंध में संशोधित अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, टीजीटी भर्ती के लिए होने वाले कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और स्वतंत्रता सेनानी के परिवारों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए यह न्यूनतम अंक 30 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं। टीजीटी भर्ती में वेटिंग पैनल की भी व्यवस्था की गई है। अगर 25 तक के पदों के लिए भर्ती होती है, तो 25 प्रतिशत अतिरिक्त उम्मीदवारों की सूची पैनल में होगी, जिसमें कम से कम दो उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा।
25 से 50 पदों के लिए यह प्रतिशत 15 प्रतिशत होगा, जबकि 50 से अधिक पदों के लिए यह प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा, जिसमें कम से कम आठ उम्मीदवारों को पैनल में रखा जाएगा। अब तक, टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन करने की आयु सीमा 45 वर्ष थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 47 वर्ष कर दिया गया है। 45 की आयु सीमा में इससे अधिक उम्र के अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में आयोग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था।
सरकार से मंजूरी मिलने के बाद आयोग ने इसे लागू किया। अब 47 वर्ष की आयु तक के अभ्यर्थी भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस छूट का लाभ उन अभ्यर्थियों को मिलेगा जो 1 जनवरी 2025 तक 47 वर्ष की आयु तक के होंगे और चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत आवेदन कर रहे हैं। राज्य चयन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन और स्वतंत्रता सेनानी परिवारों से संबंधित अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत अतिरिक्त आयु छूट दी जाएगी।
टीजीटी के कुल 937 पदों के लिए भर्ती की जाएगी। इनमें से 425 पद आर्ट्स, 343 नॉन मेडिकल और 169 पद मेडिकल के हैं। न्यूनतम-अधिकतम आयु क्रमशः 18 से 47 वर्ष निर्धारित की गई है।


