आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में शुल्क तय करने का अधिकार आयोग को सौंप दिया गया है लेकिन अभी तक आयोग सरकार के लिखित निर्देशों के इंतजार में है। सरकारी पत्राचार के बाद ही शुल्क तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। आयोग के चेयरमैन और सदस्य अब इस पर निर्णय लेंगे। ऐसे में आयोग को कार्मिक विभाग के निर्देशों का इंतजार है।
बीते पांच मई को कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया था कि आयोग अपने स्तर पर भर्ती परीक्षाओं के आवेदन शुल्क तय करेगा। ढाई वर्ष से पेपर लीक मामले के चलते नई भर्तियों का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से नहीं किया जा सका है। पेपर लीक प्रकरण के चलते कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया गया है। इस आयोग के दौर में जारी लगभग सभी भर्ती परीक्षाओं के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं लेकिन अभी तक नए पदों की भर्ती प्रक्रिया पटरी पर नहीं लौट सकी है। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए अब आयोग को सरकार की ओर से परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े कई अधिकार दिए जाने का निर्णय लिया गया है लेकिन कागजी औपचारिकताओं में लग रहा समय बेरोजगारों के इंतजार को लगातार लंबा खींच रहा है। आयोग सरकार के निर्देशों के इंतजार में है और प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवा सरकारी नौकरी के विज्ञापनों के इंतजार में है।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और आरएंडपी को लेकर भी संशय
नवगठित राज्य चयन आयोग को भर्ती के आयोजन में आवेदन शुल्क तय करने सहित कई अधिकार दिए जाने का निर्णय लिया गया है लेकिन भर्ती प्रक्रिया में किस तरह के बदलाव होंगे और सरकार भर्ती और पदोन्नति नियम (आरएंडपी) को लेकर किस तरह से निर्णय लेकर आगे बढ़ेगी, यह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है।सरकार से निर्देश मिलने के बाद जल्द ही शुल्क तय कर लिए जाएंगे। भर्तियों के विज्ञापन लगभग तैयार हैं। इसके अलावा सिंगल विंडो और वन टाइम रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा ।


