हिमकेयर से बाहर होंगे बड़े व्यवसायी, गरीबों से नहीं ली जाएगी कोई फीस

Date:

आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना में व्यापक बदलाव करने वाली है। अच्छी कमाई करने वाले लोग विशेषकर कारोबारी और उद्योगपति हिमकेयर योजना से बाहर होंगे। बीपीएल के दायरे में आने वाले लोग, गरीब, विधवा, एकल नारी सहित अन्य वर्गों से हिमकेयर योजना में फीस नहीं ली जाएगी। सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना को इंश्योरेंस माॅडल पर लागू करने पर भी विचार कर रही है।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मीडिया से कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की ओर से अधिकृत निजी अस्पतालों में हिमकेयर के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ था। लाखों-करोड़ों रुपये के बिल राज्य सरकार को थमाए जाते थे। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत में केंद्र सरकार से केवल 45 करोड़ रुपये मिलते हैं। राज्य सरकार 125 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। हिमकेयर में पैसे वाले लोग भी लाभ ले रहे हैं। कैबिनेट ने बीपीएल, विधवा, परित्यक्ता नारी को योजना का लाभ देने का फैसला लिया है। दैनिक वेतन भोगी, अंशकालिक आदि गरीब लोगों से योजना में पैसा नहीं लिया जाएगा। सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में लागू की जा रही इस योजना का भी अध्ययन किया है। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर विस्तृत प्रस्ताव कैबिनेट को देगा, जिसके बाद फैसला लिया जाएगा।

अन्य फैसले

कैबिनेट ने ऊना जिले में श्री चिंतपूर्णी विशेष क्षेत्र, शिमला जिले में सराहन विशेष क्षेत्र और हमीरपुर जिले में भोटा योजना क्षेत्र के लिए विकास योजनाएं तैयार करने का निर्णय लिया। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ग्रामीण बस्तियों के अनियोजित विकास और अनियंत्रित वाणिज्यिक विकास को नियंत्रित करने का भी फैसला लिया गया है।

चिकित्सा अधिकारियों के 81 पद भरने को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने चिकित्सा अधिकारियों के 81 पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें कैजुअल्टी मेडिकल अधिकारी (सीएमओ) के 68 पद और विभिन्न अन्य श्रेणियों के 13 पद शामिल हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों व संस्थानों में आपातकालीन सेवाओं, ट्रॉमा सेंटर, कैजुअल्टी यूनिट, ब्लड बैंक और कैंसर देखभाल सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने फोरेंसिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए फोरेंसिक सेवा विभाग में 18 योग्य पेशेवरों की भर्ती को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग में कृषि विस्तार के 11 पदों को भरने को मंजूरी दी गई।

सुन्नी नगर परिषद की अधिसूचना वापस, नगर पंचायत ही रहेगी

जिला शिमला की नगर परिषद सुन्नी नगर पंचायत ही रहेगी। मंत्रिमंडल ने इसकी अधिसूचना वापस लेने की मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि शिमला जिले में नगर पंचायत सुन्नी को नगर परिषद में स्तरोन्नत करने के संबंध में पूर्व अधिसूचना को वापस लिया जाएगा। स्थानीय लोगों की मांग के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह मांग सरकार से उठाई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

कांग्रेस के गिरते जनाधार से बौखलाए विक्रमादित्य सिंह : राकेश जमवाल

रामपुर, सुन्नी और अपने क्षेत्र में हार से परेशान...