आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
शिमला के छराबड़ा स्थित वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में बहस हुई। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता व्यक्तिगत तौर पर पेश हुए और अपनी दलीलें रखीं। वहीं, ईस्ट इंडिया होटल्स लिमिटेड (ईआईएच) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार की ओर से दी गई दलीलों का खंडन करने के लिए अदालत से समय की अपील की। अब इस मामले की सुनवाई 7 मई को होगी। हाईकोर्ट में होटल के स्वामित्व और शेयर को लेकर सुनवाई चल रही है। याचिकाकर्ता (कंपनी) 7 मई को इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें देगा। हाईकोर्ट में इस पर अंतिम बहस चल रही है।
उल्लेखनीय है कि वाइल्ड फ्लॉवर हॉल अगले तीन महीने के लिए ओबेरॉय ग्रुप को दिया गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार फिलहाल छराबड़ा स्थित वाइल्ड फ्लावर हॉल को खुद चलाने की स्थिति में नहीं है। इसके लिए सरकार ने इस संपत्ति को अगले तीन महीने के लिए लीज पर ओबेरॉय समूह को दिया है। जब तक इस होटल को चलाने के लिए सरकार वैश्विक टेंडर आमंत्रित नहीं करती, तब तक इस होटल को ईआईएच लिमिटेड को सौंपने का फैसला लिया है। इसके आधार पर ही इसे लीज पर सौंपने की बात की गई है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकल पीठ कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से होटल का कब्जा प्रदेश सरकार को सौंपने की समयसीमा 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई थी।


