पीडब्ल्यूडी के मल्टी टास्क वर्कर दफ्तरों में बने बाबू, जानें पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश में हर काम के लिए रखे मल्टी टास्क वर्कर दफ्तरों के बाबू ही
बन गए हैं। ये फील्ड में काम के लिए ज्यादा वक्त नहीं निकाल पा रहे हैं। इससे सड़क भवनों आदि के निर्माण कार्यों में उनकी मदद नहीं मिल पा रही है। वजह यह है कि कार्यालयों के कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। ऐसे में इनसे चाय बनाने से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक का काम लिया जाने लगा है। वजह यह है कि कार्यालयों के कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। ऐसे में इनसे चाय बनाने से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक का काम लिया जाने लगा है।फील्ड के काम के लिए कम समय निकाल पाने की एक शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में भी पहुंची है। इसमें कोटखाई और दूसरे मंडलों के उदाहरण दिए गए हैं। इस पर लोक निर्माण विभाग से वस्तुस्थिति पर रिपोर्ट तलब करने की तैयारी है। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के हर मंडल में स्टाफ की कमी है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों के पास दो-दो मंडलों का भी काम है या फिर एक से अधिक उपमंडलों या अनुभागाें में नियुक्ति दी गई है। ऐसे में इनकी जगह मल्टी टास्क वर्कराें से काम लिया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के मल्टी टास्क वर्कर दफ्तरों में बने बाबू, जानें पूरा मामला
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