एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में टीम इंडिया की दक्षिण कोरिया से टक्कर

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भारतीय टीम ने कोरिया को 3-1 से हराने के बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 2-1 से जीत हासिल की। भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। खिलाड़ियों ने प्रत्येक विभाग में बेहतर खेल दिखाया है।

आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला

पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम आज होने वाले एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में कोरिया के खिलाफ प्रबल दावेदार होगी। भारत ने अभी तक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया है, उसने पांचों लीग मैच जीते हैं। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम ने अपने अभियान की शुरुआत मेजबान चीन पर 3-0 की जीत के साथ की। इसके बाद उसने जापान को 5-1 और मलेशिया को 8-1 से मात दी।

यह 62वीं बार होगा जब भारत किसी अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच में दक्षिण कोरिया से भिड़ेगा। पहली बार दोनों 1958 में टोक्यो में एशियाई खेलों में एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे। तब भारत ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। भारत ने अब तक 38 और दक्षिण कोरिया ने 11 मैच जीते हैं। वहीं, 12 मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए। दोनों के बीच आखिरी मैच इसी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में पूल स्टेज के दौरान खेला गया था, जहां भारत ने दक्षिण कोरिया को 3-1 से हराया था।

भारतीय टीम ने कोरिया को 3-1 से हराने के बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 2-1 से जीत हासिल की। भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। खिलाड़ियों ने प्रत्येक विभाग में बेहतर खेल दिखाया है, फिर चाहे अग्रिम पंक्ति हो या मिडफील्ड हो या फिर रक्षण। लीग चरण में भारत के लिए स्ट्राइकरों का प्रदर्शन अद्भुत रहा है। पेरिस में मैदानी गोल करना भारत के लिए चिंता का विषय था लेकिन यहां सुखजीत सिंह, अभिषेक, उत्तम सिंह, गुरजोत सिंह, अरिजीत सिंह हुंडाल और अन्य की युवा स्ट्राइकरों ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

युवा मिडफील्डर राज कुमार पाल ने भी कुछ अच्छे मैदानी गोल दागे। इसके अलावा अनुभवी मनप्रीत सिंह, उप कप्तान विवेक सागर प्रसाद और नीलकांत शर्मा ने मिडफील्ड में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारतीय डिफेंस भी दमदार रहा है जिसने केवल चार गोल गंवाये हैं। वहीं गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा ने टीम को करिश्माई पीआर श्रीजेश के संन्यास से पैदा हुए खालीपन को महसूस नहीं होने दिया।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रैगफ्लिकर में से एक हरमनप्रीत ने पेरिस की अपनी अच्छी फॉर्म जारी रखते हुए पांच पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। हरमनप्रीत को युवा जुगराज सिंह से अच्छा सहयोग मिल रहा है जो इस समय दुनिया के सबसे तेज ड्रैगफ्लिकर हैं। लेकिन नॉकआउट मुकाबला किसी भी टीम के लिए नयी शुरूआत होता है तो भारतीय टीम कोरिया को हल्के में लेने की गलती नहीं कर सकी क्योंकि प्रतिद्वंद्वी टीम का दिन अच्छा रहे तो वह हैरान कर सकती है और उसने मलेशिया के खिलाफ अंतिम समय में बराबरी हासिल कर 3-3 से ड्रॉ खेलकर अपनी सेमीफाइनल की उम्मीदों को जीवंत रखा।

भारतीय डिफेंस को भी बहुत अधिक पेनल्टी कॉर्नर नहीं गंवाने के बारे में सतर्क रहना होगा क्योंकि सात गोल कर चुके टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर जिहुन यांग के रूप में कोरिया के पास एक मजबूत ड्रैगफ्लिकर है। दिन के दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना मेजबान चीन से होगा। फाइनल मंगलवार को होना है।

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