अप्रैल 2023 से 12 सितंबर 2024 तक 15504 अल्ट्रासाउंड, तीन जिलों के लोगों को मिल रहीं स्वास्थ्य सेवाएं, सरकार को कहा थैंक्स
आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
प्रदेश के चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 18 महीनों मेंं रिकॉर्ड अल्ट्रासाउंड हुए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के आज तक के इतिहास में यह पहली बार हुआ है। हालांकि अप्रैल 2022 और 31 मार्च 2023 तक क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही थी और ओपीडी में ताला लटका था।
मरीजों को निजी अस्पतालों की तरफ भरकम पैसा देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता था। एक अप्रैल को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को एक रेडियोलॉजिस्ट मिले और उसके बाद से लेकर अब तक जिला कुल्लू ही नहीं बल्कि जिला लाहुल-स्पीति, पांगी और मंडी जिला के द्रंग और सराज विधानसभा क्षेत्र के लोगों को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है। एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट एक दिन में 40 से 50 अल्ट्रासाउंड करवाते हैं। हालांकि 2022 से पहले 25 से 30 के बीच ही अल्ट्रासाउंड होते थे। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अल्ट्रासाउंड का काफी भीड़ रहती है। फिर भी एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट एक दिन में 50 मरीजों तक अल्ट्रासाउंड करवाने में अपनी बेहतरीन सेवाएं देने में तैनात रहते हैं।
18 महीने में हुए 15504 अल्ट्रासाउंड
एक अप्रैल 2023 को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को रेडियालॉजिस्ट मिले हैं। अप्रैल से 2023 से लेकर 12 सितंबर 2024 तक क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 15504 अल्ट्रासाउंड करवाए गए हैं। मात्र 18 महीनों में इतने मरीजों और गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करवाना एक बड़ा रिकॉर्ड है। 6 हजार से अधिक तो गर्भवती महिलाओं के ही यहां पर अल्ट्रासाउंड करवाए गए।
रेडियोलॉजिस्ट के बोल
रेडियोलॉजिस्ट डा. पदम नेगी ने बताया कि एक दिन में 40 से 50 मरीजों के अल्ट्रासाउंड करवाए जाते हैं।मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा देने का पूरा प्रयास किया जाता है। एमएस डा. नरेश ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों के अल्ट्रासाउंड करवाए जाते हैं। मरीजों, एमर्जेंसी मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की बेहतरीन सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।


