कांगड़ा में जिला निजी बस ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी ने मांगों पर की चर्चा
आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
जिला कांगड़ा निजी बस ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी की बैठक प्रधान रवि दत्त शर्मा की अध्यक्षता में कांगड़ा में हुई। इस बैठक में कई बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। सबसे अहम मुद्दा महिलाओं को दी जाने वाली बस किराया में 50 प्रतिशत छूट बंद करने बारे था। बार-बार सरकार से आग्रह किया गया कि इससे निजी बस ऑपरेटर का व्यवसाय खत्म होने के कगार पर आ चुका है । क्योंकि जो महिला सवारी के साथ पुरुष सवारियां होती हैं और उन्होंने लंबी दूरी का सफर करना होता है वह भी हिमाचल पथ परिवहन निगम में चले जाते हैं और हमारी बसे खाली सडक़ों पर दौड़ रही हैं जिससे हम बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहे है।
हमारी आर्थिक बदहाली को देखते हुए कम से कम न्यूनतम किराया पंजाब प्रदेश को देखते हुए 20 रुपए होना चाहिए । सरकार हिमाचल पथ परिवहन निगम और हिमाचल के निजी बस ऑपरेटर को एक समान देखें या तो महिलाओं को दी गई छूट को बंद करें या जारी रखनी है तो जिस प्रकार हिमाचल पथ परिवहन निगम मे महिलाओं के किराए पर 50 प्रतिशत की छूट के एवज में 170 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जा रहा है उसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों को भी कोई राहत दी जाए हमारे साथ सौतेला व्यवहार न किया जाए हमने हमेशा ही प्रदेश सरकार का सहयोग किया है जैसे ही सरकार का गठन हुआ और सबसे पहले डीजल के रेट में तीन प्रति लीटर को बढ़ाया गया उसके बाद पिछले वर्ष जब हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आई उससे निपटने के लिए जो आर्थिक संसाधन पैदा करने थे उसे समय भी डीजल के वेट के रेट को 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाया गया जो की इस सरकार ने डीजल के दामों में 6 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी गई। फिर आर्थिक संकट में प्रदेश आ रहा है तो फिर यह शंकाएं शुरू होंगी कि डीजल पर बैट का रेट और बढ़ाया जाएगा। अब तो हिमाचल प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर की कमर टूट चुकी है।


