पुलिस का दावा, राष्ट्रीय बैंक के एक कदम से हिली मुइज्जू सरकार
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
मालदीव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश की गई है। मालदीव पुलिस ने एक बयान जारी कर इसका दावा किया है। पुलिस ने कहा कि बैंक ऑफ मालदीव द्वारा क्रेडिट कार्ड्स के लिए डॉलर की उपलब्धता सीमित करने का निर्णय तख्तापलट की साजिश का हिस्सा था। पुलिस इस कथित तख्तापलट की जांच कर रही है, जिसमें विपक्षी दलों और सैकड़ों ट्विटर बॉट्स के शामिल होने का आरोप है। पुलिस के बयान के अनुसार, यह साजिश राष्ट्रपति मुइज्जू के प्रशासन के खिलाफ रची गई थी। बयान में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय बैंक ने राष्ट्रपति के प्रशासन को कमजोर करने का प्रयास किया। बता दें कि बैंक ऑफ मालदीव एक सरकारी बैंक है, जिसमें सरकार की 62 फीसदी हिस्सेदारी है।
मालदीव पुलिस सेवा ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि बैंक ऑफ मालदीव ने मालदीवियन रूफिया वाले खातों से जुड़े डेबिट और क्रेडिट कार्डों के लिए विदेशी लेन-देन को निलंबित कर दिया था यानी मालदीव के लोग अपने डेबिट और क्रेडिट कार्डों से डालर या अन्य विदेशी मुद्दा में लेन-देन नहीं कर सकते थे। उदाहरण के लिए, अगर पहले ग्राहक बिना किसी लिमिट के विदेश में डॉलर में खरीददारी कर सकते थे, तो अब बैंक ने उस राशि पर एक लिमिट तय कर दी, जिससे ग्राहक केवल एक निश्चित लिमिट तक ही डॉलर खर्च कर सकते थे। पुलिस ने कहा कि सरकारी स्वामित्व वाले बैंक ऑफ मालदीव द्वारा घोषित फैसले से कई लोग स्तब्ध थे, लेकिन इसी दौरान विपक्षी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) सरकार की वित्तीय स्थिति पर एक प्रेस कॉन्फ्रेस कर रही थी। पुलिस ने कहा कि उसी समय, सोशल मीडिया पर सैकड़ों ‘बॉट अकाउंट’ भी एक्टिव थे, जो नागरिकों से सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सडक़ों पर उतरने का आह्वान कर रहे थे।


