बस में होली से चंबा तक के फासले को तय करने में ही लगे 21 घंटे, छोटा न्हौण को उमड़ा सैलाब
आवाज जनादेश/न्यूज ब्यूरो शिमला
मणिमहेश यात्रा के चलते उमडे यात्रियों के हुजूम के आगे छोटे पड़े भरमौर नेशनल हाई-वे पर निगम व निजी बसों समेत अन्य वाहनों में सवार स्थानीय लोग भी भूखे-प्यासे रात भर जाम में पिसते रहे। शनिवार शाम चार बजे होली से कांगड़ा जिला के बैजनाथ-फटाहर के लिए रवाना हुई एचआटीसी की रात्रि सेवा की बस रविवार डेढ़ बजे के आसपास जिला मुख्यालय चंबा पहुंची। भरमौर एनएच पर लगे भारी जाम के चलते इस बस को होली से चंबा तक के 72 किलोमीटर के फासले को तय करने में ही साढ़े इक्कीस घंटे लग गए। लिहाजा अंदाजा लगाया जा सकता है कि भरमौर नेशनल हाई-वे पर लगे जाम के कारण बसों और वाहनों में सवार यात्रियों के लिए शनिवार की रात किस कद्र भारी पड़ी है।
बता दें कि मणिमहेश यात्रा के तहत जन्माष्टमी पर्व पर डल झील में होने वाले छोटे न्हौण में शामिल होने के लिए पिछले वर्षो की तुलना में इस मर्तबा हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंचे है। पिछले तीन-चार दिनों से ही शुर्भ मूहर्त में स्नान करने के लिए पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर व पंजाब के अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मणिमहेश यात्रियों के आने का क्रम आरंभ हो गया था।
जाम से यात्रियों को भूखे-प्यासे बितानी पड़ी रात
लिहाजा शनिवार दोपहर बाद अचानक से श्रद्धालुओं के वाहनों का भरमौर नेशनल हाई-वे पर सैलाब उमड़ आया। इसके चलते हाई-वे पर जाम लग गया और शाम से रविवार सुबह तक भरमौर नेशनल हाई-वे पर वाहन रेंगते नजर आए। उधर, भरमौर नेशनल हाई-वे पर लगे जाम में स्थानीय लोगों को भी शनिवार शाम से रविवार सुबह तक पिसने को मजबूर होना पड़ा। पता चला है कि न्याग्रां-होली-फटाहर रूट की निगम की रात्रि बस सेवा चार बजे तहसील मुख्यालय होली से रवाना हुई थी और यह खड़ामुख से कुछ दूरी पर ही जाम में फंस गई। देखते ही देखते एनएच पूरी तरह से जाम हो गया और बड़ी मुश्किल से यह बस सुबह तक गैहरा तक पहुंच पाई। बस में सवार स्थानीय यात्रियों ने बताया कि बस में सवार यात्रियों समेत चालक व परिचालक को भी रात भूखे-प्यासे बितानी पडी। यहीं हाल निजी बस की रात्रि बस सेवा में सवार यात्रियों का हुआ है। बहरहाल होली से चंबा तक का 72 किलोमीटर का फासला साढ़े 21 घंटों में बस द्वारा तय करने का किस्सा क्षेत्र में हर किसी की जुबान पर है और चर्चा का विषय बना हुआ है। हालाकि ऐसा नहीं है कि यहीं इकलौती बस नेशनल हाई-वे पर लगे जाम में फंसी थी। इसी तरह कई बसों और अन्य वाहनों में सवार यात्रियों के साथ भी शनिवार रात से रविवार सुबह की कहानी यहीं रही


