पाठ्यक्रम तथा खेलों में योग अनिवार्य बनाने पर तैयार होगा प्रारूप: भारद्वाज

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आवाज़ जनादेश / कांगड़ा में त्रिगर्त दिव्य योग प्राकृतिक चिकित्सा ध्यान केंद्र का किया शुभारंभ
           शिक्षा मंत्री ने प्रतिभागियों के साथ किया योगाभ्यास
   धर्मशाला, 15 जून। राज्य सरकार शैक्षणिक पाठ्यक्रम तथा खेलों में योग को अनिवार्य तौर पर शामिल करने के लिए गहनता से विचार कर रही है तथा इस के लिए राज्य शैक्षणिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद को भी प्रारूप तैयार करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं ताकि नई पीढ़ी को योग के साथ जोड़ा जा सके। 
 यह जानकारी शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शनिवार को कांगड़ा में त्रिगर्त दिव्य योग प्राकृतिक चिकित्सा ध्यान केंद्र की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्टीय वर्ल्ड रिकार्ड योग शिविर के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दी।
  उन्होंने कहा कि भारत को वैभवशाली अतीत रहा है तथा भारत को विश्व गुरू के रूप में भी जाना जाता रहा है, नालंदा तथा तक्षशिला जैसे शैक्षणिक संस्थान विश्व विख्यात थे इन संस्थानों में संस्कृत सहित योग इत्यादि की शिक्षा प्रदान की जाती रही है।  उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्व गुरू के रूप में स्थापित करने के लिए भारतीय संस्कृति, परंपराओं को सहेजा जाएगा तथा योग को आम जनमानस तक पहुंचाया जाएगा। 
  उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए योग का अहम योगदान हो सकता है इसलिए युवाओं को योग के साथ जोड़ने के लिए सरकार की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं इसमें विभिन्न स्तर पर स्वैच्छिक संस्थाएं भी योग तथा प्राकृतिक चिकित्सा की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठा रही हैं। 
   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बावजूद ही यूएनओ ने 21 जून को अंतर्राष्टीय योग दिवस के रूप में मनाना आरंभ किया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि योग को सभी नागरिकों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए इससे विभिन्न बीमारियों के प्रकोप से शरीर को बचाया जा सकता है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने सभी प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास भी किया तथा योग की विभिन्न क्रियाओं में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने वाले प्रतिभागितयों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यातिथि ने कांगड़ा में त्रिगर्त दिव्य योग प्राकृतिक चिकित्सा ध्यान केंद्र का शुभारंभ भी किया गया।
 इससे पहले योग गुरू रणजीत ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए योग तथा प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा योग को बढ़ावा देने के लिए त्रिगर्त दिव्य योग प्राकृतिक चिकित्सा ध्यान केंद्र द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
 इस अवसर पर स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सुरेश सोनी, पूर्व विधायक संजय चौधरी, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष उत्तम चौधरी, शिक्षा मंत्री के ओएसडी डा माम राज पुंडीर सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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