सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, बागवानी तथा सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में बागवानी उत्पादन बढ़ाकर तथा फल एवं खाद्य प्रसंस्करण को व्यापक पैमाने पर अपनाकर प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सकता है। महेन्द्र सिंह ठाकुर गत सांय सोलन जिले के परवाणु स्थित बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) का निरीक्षण करने के उपरान्त निगम एवं हिमाचल प्रदेश कृषि उद्योग निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्बोधित कर रहे थे।
महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार उत्पादित फलों के संस्करण को व्यापक बढ़ावा देने की दिशा में गंभीर है। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने राज्य खाद्य प्रसंस्करण मिशन आरम्भ किया है। योजना के लिए इस वर्ष 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रांे में आम, लीची, अमरूद, नींबू, पपीता, अनार तथा किवी फलों की बेहतर खेती को बढ़ावा देगी।
बागवानी मंत्री ने अधिकारियों तथा कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे एचपीएमसी में विभिन्न उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने तथा उत्पादों की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने निगम के प्रबन्ध निदेशक मदन चौहान को निर्देश दिए कि एचपीएमसी के उत्पादों के विपणन पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेहतर विपणन नीति अपनाकर उत्पादों की पंहुच को व्यापक बनाया जा सकता है।
महेन्द्र सिंह ठाकुर ने एचपीएमसी परवाणु के संयत्र प्रबन्धक को निर्देश दिए कि एक माह की अवधि में संयत्र की कार्यप्रणाली में सकारात्मक सुधार लाया जाए ताकि उत्पादन एवं लागत में सामजंस्य स्थापित हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार सभी वर्गों के समग्र कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा सरकार के प्रयासों की सफलता अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग पर निर्भर है।
महेन्द्र सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर एचपीएमसी तथा हिमाचल प्रदेश कृषि उद्योग निगम की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एचपीएमसी के प्रबन्ध निदेशक मदन चौहान ने निगम की कार्यप्रणाली की पूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि निगम के परवाणु संयत्र ने वर्ष 1981 में कार्य करना आरम्भ किया था। इस संयत्र में वर्ष 2017-18 में 607.800 मीट्रिक टन सेब जूस कंसनट्रेट का उत्पादन किया गया।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कृषि उद्योग निगम के प्रबन्ध निदेशक एचएस चौधरी, सहायक आयुक्त परवाणु एसपी जसवाल, हिमाचल प्रदेश कृषि उद्योग निगम के उप महा प्रबन्धक प्रताप सिंह चौहान, एचपीएमसी परवाणु के संयत्र प्रबन्धक बीएस सैनी, अन्य अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


