धर्म - संस्कृति

या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता,देवियों के रहस्य

माता दुर्गा -ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संबंध में हिंदू मानस पटल पर भ्रम की स्थिति है। वे उनको ही सर्वोत्तम और स्वयंभू मानते हैं,...

खुले आसमान और बिना मंदिर के विराजती है जोगणी माता

आवाज जनादेश /आनी चमन शर्मा धार्मिक मान्यताओं में हर व्यक्ति के एक इष्ट देव...

कुंगश बीस आषाढ़ मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या पर ‘नीरू चाली घुमदी में खूब नाचे लोग

विक्की चौहान ने अपने चर्चित गीत "तू आजा लै बैश मेरी कारो दी", 'नीरू चाली घुमदी….", चुरपुरा जाणां चुरपुरा…."झुमके बाली…….","भाई जी बात...

हिमाचल की संस्कृति पर कुठाराघात

सम्पादक की कलम से  हिम संस्कृति हिम की तरह शांत-शीतल, निर्मल, कोमल और पावन है। नाम के अनुरूप ही यहां का वातावरण, लोग भी...

आरती जिसे सुनकर, गाकर धन्य हो जाते श्रद्धालु

आरती किसी भी देवी-देवता या अपने आराध्य, अपने ईष्ट देव की स्तुति की उपासना की एक विधि है। आरती के दौरान भक्तजन गाने...

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