ऐतिहासिक खजानों और पर्यटन स्थलों से भरपूर है आऊटर सिराज आनी
13/07/2019
आवाज जनादेश
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आज तक केसरी
हिमाचल प्रदेश
आनी
चमन शर्मा
खबर-मंडी डैस्क कार्यालय
भरी ऊंची पहाड़ियां ,सर्पीली सडक़ें,ढलानदार सीढ़ीनुमा खेतों को देखकर यहाँ मन ठहर से जाता है।जिला कुल्लू का आऊटर सिराज आनी को प्रकृति ने सुंदरता कुछ इस कदर बक्शी है कि भारत को आजाद होने से पहले ही यहां तक अंग्रेजों ने सडक़ पहुंचा दी थी।तब अंग्रेजों का इस घाटी में अधिक आना जाना लगा रहता था।आज हम बात कर रहे हैं यानी खण्ड की ग्राम पंचायत बखनाओ के तहत ऊँचाई पर बसे गाँव गाड़ा-डीम की।समुद्रतल से करीब 2429 मीटर की ऊंचाई पर स्तिथ यह गांव काफ़ी बेहद खूबसूरत है।यहाँ लोग देवी देवताओं के प्रति गहरी आस्था रखते हैं।यहां के सरोआ नामक स्थान पर हजारों वर्ष पुरानी मूर्तियां आज भी मौजूद है। क्षेत्र के लोगों की देऊरी स्तिथ माता दुर्गा के प्रति असीम स्नेह है सादा जनजीवन व्यतीत करने वाले यहाँ के लोग बहुत मेहनती है ।सेब बहुल क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग अक्सर अपने खेतों में काम करते हुए पाए जाते हैं अब तो यह क्षेत्र सड़क-सुविधा से भी जुड़ना शुरू हो गया है।जिससे यहां के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में आसानी रहेगी।आनी मुख्यालय से आनी-चवाई -दलाश मार्ग से18किमी दूर पुनन से यहां के लिए लिंक रोड़ जाता है।क्षेत्र में राजकीय प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक पाठशाला डीम समेत उपडाकघर और उप स्वास्थ्य केंद्र भी मौजूद है।यहां नई शैली में बने घरों के अलावा पुरातन काष्ठ शैली में बने कुछ बहुमंजिला घरों को भी देखा जा सकता है।इन मकानों की ख़ासियत है कि आधुनिक तौर-तरीकों से बनाए घरों की अपेक्षा अधिक गर्म रहते है।इनमें प्रयोग हुई लकड़ी की सुंगध काफ़ी मनमोहक होती है।सर्दियों में यहां भारी-बर्फ़बारी होती है।टैब अक्सर सर्दियों से बचने के लिए पुरानी शैलीमे बने मकानों में जाकर तंदूर का आनन्द उठाते है।गाड़-डीम से और अधिक ऊंचाई पर खनोरा,जगतसुख और नहनु जैसे पर्यटक स्थल है जहां अक्सर गर्मियों में काफी लोग जाते हैं और प्राकृतिक सुंदरता का आनन्द उठाते हैं।क्षेत्र के युवा सरोआ नामक स्थान पर खेल-गतिविधियों का भी मज़ा लेते हैं। यहाँ का महिला मंडल स्वच्छता,शिक्षा,बेटी-बचाओ और महिला सशक्तिकरण के लिए जाना जाता है।यहाँ की महिलाएं आए दिन गांव में रास्तों,नलियों और पेयज़लों स्त्रोतों की साफ-सफ़ाई में अपना अमूल्य योगदान देती हैं।महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण यहां की महिलाएं पेश करती हैं।आउटर सिराज़ के सुप्रसिद्ध जिला स्तरीय आनी मेले में लगातार इन महिलाओं ने सैंकड़ों महिलाओं को पछाड़कर रस्साकस्सी प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा है।पर्यावरण संरक्षण में भी यहाँ के महिला मंडल समेत अन्य लोगों का भरपूर योगदान मिलता है। जिससे यहां के गहने देवदार समेत अन्य पेड़-पौधें आज भी यहां बने हुए हैं।गांव में पशुधन को भी देखा जा सकता है।गाय,भेड़-बकरियां भी यहाँ के लोग पालते हैं।सड़क सुविधा से जुड़ रहे इस गांव में पहुंच कर यहां के पर्यटक स्थलों को निहारना अब आसान होगा।यदि सरकार की नजर-ए-इनायत हो तो यहाँ कई खूबसूरत स्थलों को विकसित किया जा सकता है


