हिमाचल में शिक्षा की नई उड़ान: शिमला में खुला सीबीएसई का उप-क्षेत्रीय कार्यालय

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97 सरकारी स्कूलों के सीबीएसई से जुड़ने की प्रक्रिया शुरू, पंचकूला क्षेत्रीय कार्यालय के नियंत्रण में होगा संचालन

शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को मजबूत करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने राज्य की राजधानी शिमला के पंथाघाटी में नए उप-क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की है। यह कार्यालय सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय, पंचकूला के प्रशासनिक नियंत्रण और क्षेत्रीय निदेशक राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कार्य करेगा।
सरकारी स्कूलों का सीबीएसई की ओर झुकाव
वर्तमान में प्रदेश के 350 से अधिक निजी स्कूल पहले से ही सीबीएसई से संबद्ध हैं। शैक्षणिक मानकों में सुधार के लिए प्रदेश सरकार ने अब 97 राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ने का निर्णय लिया है। इनमें से अधिकांश स्कूलों ने ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन कर दिया है, जबकि अन्य स्कूल बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक मानकों को पूरा करने की प्रक्रिया में हैं।
स्थानीय स्तर पर मिलेंगी सुविधाएं
शिमला में उप-क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से अब स्कूलों और अभिभावकों को अपने कार्यों के लिए पंचकूला के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे संबद्धता (Affiliation) से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा, शिकायतों का प्रभावी निवारण और प्रशासनिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगा।
उच्च स्तरीय बैठकों में भावी रणनीति पर चर्चा
क्षेत्रीय निदेशक राजेश कुमार गुप्ता ने अपने प्रवास के दौरान आठ स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर परीक्षा सुधार और शिक्षक क्षमता विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान और शिक्षा सचिव व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राकेश कंवर के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में सरकारी स्कूलों को सीबीएसई प्रणाली में स्थानांतरित करने की कार्ययोजना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन पर विशेष विचार-विमर्श किया गया।
विद्यार्थियों को मिलेंगे ये लाभ:
* वैश्विक मान्यता: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत पाठ्यक्रम।
* कौशल विकास: रटने के बजाय आलोचनात्मक चिंतन और अनुभवात्मक अधिगम पर जोर।
* प्रतियोगी परीक्षाएं: राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी।
* निर्बाध गतिशीलता: देशभर के स्कूलों में स्थानांतरण और दाखिले में सुगमता।
शिमला में इस कार्यालय की स्थापना प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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