आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर आज सदर पंचायत आनी और ग्राम पंचायत बखनाओं के युवा प्रधान लाल सिंह और अमित कुमार उपाख्य (बॉबी) तथा संपूर्ण स्वच्छता अभियान के खंड समन्वयक दिनेश शर्मा स्वच्छता का अम्बेसेडर के रूप में दोनों पंचायत की विभाजक खड्ड देउरी और दोनों पंचायतों को जोड़ने वाले आनी सेतु के समीप स्वयं सफाई करते तथा जनता को स्वच्छता का शुभ संदेश देते हुए सबने देखे। स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करते हुए गांधी ने स्वच्छ भारत की संकल्पना में स्वस्थ और समृद्ध देश देखा था। हम गांधी जयंती और पुण्यतिथि पर उनका पावन स्मरण कर श्रद्धांजलि अवश्य देते हैं,लेकिन उनके स्वप्न को पूरा करने के लिए कितना काम करते हैं,इसका अनुमान हम इस विभाजक खड्ड के दोनों ओर प्रतिदिन फेंके जा रहे अपने घर के कचरे से लगा सकते हैं। ग्राम पंचायत आनी द्वारा हाल ही में लिया गया निर्णय कि सप्ताह में एक बार घर का कचरा उठाने के लिए कोई कर्मी आएग। प्रयास अच्छा है, लेकिन नाकाफी है। 6 दिन तक घर का कचरा घर के आसपास रखना संभव नहीं है। उसकी सड़ांध भी बीमारियों को आमंत्रण होगा।हम तथाकथित नगरवासी तो हो गए हैं, लेकिन स्वच्छता के प्रति निजी जागरूकता आज भी शून्य है। घर का कचरा प्लास्टिक और अन्य वेस्ट मेटिरियल खड्ड में फेंकने से अपने घर का कचरा कुछ दूर तो होगा,लेकिन पर्यावरण खराब ही होगा। फिर विविध व्याधियों से समाज का बचना असंभव है।
इसलिए दोनों पंचायतों को नित्य सफाई कर्मी को हर घर से कचरा उठाने के लिए भेजने की व्यवस्था करनी होगी। इसका शुल्क हर घर के मालिक से प्रति मास 100 या ₹200 लिया जाए। चलान करने का निर्णय भी प्रशंसनीय है। जिसको नियमों की धज्जियां उड़ाकर परिवेश को प्रदूषित करने में आनंद आता है, उसका चलान पंचायत द्वारा होना ही चाहिए। स्वच्छता के अग्रदूत बनकर आनी में उभरते एनजीओ सहित हर व्यक्ति सचेत होकर अपना दायित्व समझे तो हमारी आनी जो उपमंडल(नागरिक प्रशासन)मुख्यालय का केंद्र है ;स्वच्छ और सुंदर बनेगी। सभी को यहां आकर अच्छा लगेगा। आनी पर फिर अस्वच्छ होने का कलंक नहीं लगेगा।


