हिमाचल की जनता खाएगी मक्की का जैविक आटा, एक और पांच किलोग्राम के पैक में होगा उपलब्ध

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आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित डिपुओं में अब हिम भोग आटा उपलब्ध होगा। शहरी क्षेत्रों में मक्की की रोटी खाने के शौकीनों अब आसानी से डिपो पर आटा मिल जाएगा। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत डिपुओं में भी मक्की आटा उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि डिपो पर कोई भी मक्की का जैविक आटा की खरीददारी कर सकेगा। जैविक की पिसाई के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बिलासपुर के झबोला स्थित आटा मिल के साथ टाइअप किया है। मक्की की पिसाई के बाद अब शुक्रवार को पैकिंग में नौ क्विंटल खेप विभाग के गोदामों में पहुंच जाएगी जिसे आगे डिपुओं में सप्लाई किया जाएगा। पहले चरण में विभाग द्वारा बिलासपुर, घुमारवीं, झंडूता व श्रीनयनादेवी में इस आटे को उपलब्ध करवाया जाएगा। मक्की का आटा एक किलोग्राम और पांच किलोग्राम के पैक में उपलब्ध होगा।

आटे की कीमत 50 रुपए प्रति किलोग्राम तय की गई है। शहरी क्षेत्र के डिपुओं में 20 किलोग्राम तो ग्रामीण क्षेत्रों के डिपुओं में दस किलोग्राम सप्लाई भेजी जाएगी। उसके बाद डिमांड के अनुरूप डिपुओं को मक्की का आटा उपलब्ध करवाया जाएगा। इस बार विभाग ने जिला बिलासपुर में 144 क्विंटल जैविक मक्की की खरीद की है। इस आटे की पैकिंग को जिला के सभी 250 डिपुओं में सप्लाई किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के डिपुओं में बीस किलो और ग्रामीण क्षेत्रों के डिपुओं में दस किलो की पैकिंग भेजी जा रही है। उसके बाद ऑन डिमांड सप्लाई भेजी जाएगी। एचडीएम

विभाग पूरी करेगा मांग

ग्रामीण क्षेत्र में लोगों द्वारा मक्की की बिजाई की जाती है जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र में इस आटे की बिकने की संभावना कम ही है, लेकिन यदि ग्रामीण क्षेत्र से जैविक मक्की के आटे की डिमांड आएगी तो वहां पर भी विभाग द्वारा इसे उपलब्ध करवाया जाएगा।

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