आवाज़ जनादेश / न्यूज़ ब्यूरो शिमला
शिमला-धर्मशाला नेशनल हाई-वे पर मंगरोट में एक बार फिर राजनकांत शर्मा द्वारा गुरुवार को मिट्टी, पत्थर सहित अन्य सामग्री फेंककर वन-वे कर दिया। करीब तीन घंटे तक नेशनल हाईवे वन-वे रहा। नेशनल हाई-वे को लेकर पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद ही मसला शांत हो गया। अब राजस्व विभाग की ओर से 15 तारीख तक इस जमीन की निशानदेही करवाने को लेकर राजनकांत शर्मा को आश्वासन दिया गया है। इसके चलते एनएच से मिट्टी, पत्थर के ढेर हटा दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार राजनकांत शर्मा निवासी मंगरोट द्वारा नेशनल हाई-वे पर उनकी जमीन होने का दावा किया गया था। बाकायदा कुछ समय पहले राजस्व विभाग द्वारा यहां पर निरीक्षण किया और इस व्यक्ति की जमीन यहां पाई गई। राजनकांत शर्मा की ओर से इस जमीन पर कब्जा लेने को लेकर विभिन्न विभागों के चक्कर काटे, लेकिन किसी ओर से भी उन्हें राहत नहीं मिल पाई।
24 दिसंबर को राजनकांत शर्मा ने उन्हें जमीन का कब्जा न मिलने के चलते प्रशासन को पत्र के माध्यम से अवगत करवाया कि उन्हें सात दिन के भीतर जमीन का कब्जा नहीं मिला, तो वह अपनी जमीन पर स्वयं कब्जा कर लेंगे। इस दौरान संबंधित विभाग द्वारा कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। मजबूरीवश राजनकांत शर्मा ने गुरुवार को नेशनल हाई-वे पर कब्जा कर लिया। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी समस्या झेलनी पड़ी। राजनकांत शर्मा का कहना है कि नेशनल हाई-वे के समीप उनकी मां के नाम 15 बिस्वा जमीन है, लेकिन इसमें से 12 बिस्वा जमीन पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कब्जा किया गया है। विभाग से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन मसले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि उनके पास उनकी जमीन नहीं होने के चलते कोई रोजगार शुरू नहीं कर पा रहे हैं। परिवार का पालन पोषण भी मुश्किल भरा हो चुका है। उन्होंने आग्रह किया कि उनकी समस्या का संबंधित विभाग द्वारा स्थायी समाधान किया जाए।


