आवाज जनादेश / न्यूज ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश में मुर्गा प्रकरण पर सियासत गरमा गई है। मामले में धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें कुछ मीडिया कर्मी भी शामिल हैं। इसके विरोध में गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में विपक्ष ने तपोवन विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष सहित भाजपा विधायक हाथों में मुर्गे की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। इस दाैरान भाजपा विधायकों ने सुक्खू भैया-सुक्खू भैया, जंगली मुर्गा किसने खाया… के नारे लगाए। विपक्ष ने भाजपा विधायक और मीडिया पर एफआईआर दर्ज करना शर्मनाक बताया। साथ ही वन्यजीव अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच की मांग उठाई।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम के कुपवी दाैरे के दाैरान रात्रि भोज के मेन्यू में 12 नंबर पर जंगली मुर्गे का भी जिक्र था। सीएम ने डिनर के दाैरान खुद जंगली मुर्गे का जिक्र किया। जयराम ने कहा कि जंगली मुर्गा जंगल में ही मिलता है। मामले में सरकार ने कई स्पष्टीकरण देने की बातें कीं। लेकिन हैरानी की बात है कि सीएम के डिनर वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने पर विधायक व कुछ मीडिया के लोगों पर एर्फआईआर दर्ज की गई, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जयराम ने कहा कि जंगली मुर्गा मारने व खाने वालों पर कार्रवाई हो, सच्चाई दिखाने वालों पर एफआईआर दर्ज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर, विधानसभा सदन में दूसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं हो पाया।
पंचायत प्रधान की शिकायत पर दर्ज हुआ है मामला
मुर्गा प्रकरण में कुपवी की कुलग पंचायत की प्रधान सुमन चौहान और नीटू परमार की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया गया है। शिकायत में महिला प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और कई लोगों ने व्यक्तिगत हैंडल पर फर्जी मेन्यू शेयर किया। इसकी वजह से इलाके के पारंपरिक भोजन और संस्कृति को नुकसान पहुंचा है। इस तरह का दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 13 दिसंबर को उनके गांव टिक्कर में विशेष अतिथि आए थे, जिनके स्वागत के लिए गांव की महिलाओं ने पारंपरिक भोजन तैयार किया गया था। लेकिन एक फर्जी मेन्यू शेयर किया गया। पुलिस ने शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-353 और 356 के तहत केस दर्ज किया है।


